लैलूंगा के बहुचर्चित मर्डर मिस्ट्री का खुलासा, चोरी की नियत से मित्तल निवास में घुसकर हत्या को दिये थे अंजाम, स्थानीय 06 लड़कें घटना में थे शामिल, विधि के साथ संघर्षरत 04 बालक और 01 आरोपी युवक पुलिस की गिरफ्त में

by Kakajee News

आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त आरीपत्ती (ब्लेड), नकदी रकम करीब 80,000 रूपये, आरोपियों के कपड़े जप्त…
वारदात में शामिल एक आरोपी है फरार, पतासाजी में जुटी एसपी की विशेष टीम
गिरफ्तार आरोपी अक्षय प्रधान व 04 विधि के साथ संघर्षरत बालक भेजे गये रिमांड पर

रायगढ़। जिले के थाना लैलूंगा क्षेत्र अन्तर्गत 22 एवं 23 सितम्बर की मध्य रात्रिन पत्थलगांव रोड़ में निवासरत एलडरमेन एवं व्यववासी मदन मित्तल एवं उनकी पत्नी श्रीमती अंजू मित्तल की निर्मम हत्या की गुत्थी को रायगढ़ पुलिस द्वारा पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर, रेंज बिलासपुर रतनलाल डांगी एवं पुलिस अधीक्षक रायगढ़ अभिषेक मीना के मार्गदर्शन पर घटना के तीनों दिनों बाद सुलझा लिया गया है । घटना को अंजाम देने वाले विधि के साथ संघर्षरत 04 बालक व 01 बालिग आरोपी अक्षय प्रधान को रिमांड पर भेजा जा रहा है, घटना को कुल 06 लोगों द्वारा मिलकर अंजाम देना स्वीकार किया गया है । इनसे चोरी में प्राप्त नकदी से खर्च के बाद शेष करीब 80,000 रूपये नकद बरामद किया गया है, इनका एक साथी अभी भी फरार है, जिसके पास से मित्तल दम्पत्ति के मकान से चोरी हुआ बैग व कुछ और नकदी बरामद होने की सम्भावना है, फरार आरोपी की सघन पतासाजी में पुलिस की विशेष टीम लगी हुई है ।


ज्ञात हो कि 22 एवं 23 सितंबर की दरम्यिानी रात अज्ञात आरोपियों द्वारा चोरी की नियत से लैलूंगा निवासी मदन मित्तल के घर के पीछे का दरवाजा के ऊपर रोशनदान के जाली को काट कर घर अंदर घुसकर मदन कुमार अग्रवाल (55 वर्ष) एवं उनकी पत्नी अंजूदेवी अग्रवाल (54 वर्ष) का गला दबाकर हत्या कर चोरी किये जाने की घटना सामने आई थी, घटना की रिपोर्ट मृतक के परिचित प्रदीप कुमार अग्रवाल (49 साल ) निवासी लैलूंगा द्वारा दर्ज कराया जिस पर 23 सितंबर को अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध धारा 457,380,302 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।


घटना की सूचना मिलते ही एसपी, एडशिनल एसपी, एसडीओपी धरमजयगढ़, धरमजयगढ़ अनुविभाग के सभी थाना, चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी चक्रधरनगर, फारेंसिक व सायबर टीम, ट्रेकर डॉग मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गये । पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल कन्ट्रोल रूम को पाइंट देकर सम्पूर्ण जिले की नाकेबंदी कर संदिग्धों की सघन पतासाजी का निर्देश दिया गया । घटना की गंभीरता को लेकर दोपहर सड़क मार्ग से रेंज आईजीपी रतनलाल डांगी भी घटनास्थल पहुंचे। रेंज आईजी द्वारा भी घटनास्थल एवं आसपास क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण दिशा निर्देश जांच टीम को दिया गया तथा मृतको के वारिसानों एवं क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों से मिलकर अतिशीघ्र आरोपियों के पकड़े जाने का विश्वास दिलाया गया।


मामले की संजीदगी को देखते हुए एसपी श्री अभिषेक मीना एवं एडशिनल एसपी लखन पटले एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ दीपक मिश्रा थाना लैलूंगा में कैम्प किये । कैम्प में एसपी श्री मीना विवेचना टीम को लगातार मार्गदर्शन देते रहे, उनके द्वारा एडिशनल एसपी व एसडीओपी धरमजयगढ़ के नेतृत्व में थाना प्रभारी लैलूंगा, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, पूंजीपथरा, चक्रधरनगर के साथ प्रधान आरक्षक एवं आरक्षकों की टीम का गठन कर सभी को अलग-अलग टास्क दिये । पुलिस की टीमें चोरी के साथ आपसी रंजिश व कई पहलुओं को दृष्टिगत रखते हुये जांच मेंआगे बढ़ रही थी । सायबर की टीम संदिग्ध दर्जनों व्यक्तियों के मोबाइल नम्बर एवं सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज की जांच कर महत्वपूर्ण जानकारियों एसपी अभिषेक मीना को उपलब्ध कराया जा रहा था । पुलिस अधीक्षक द्वारा क्षेत्र के रहवासियों को भी जांच में सहयोग की अपील किये । इसी दरम्यान सीसीटीवी फुटेजों की जांच कर रही साइबर टीम को फुटेज में सांई पेट्रोल पम्प के पास 22 सितंबर की रात्रि 3-4 लड़कों का मूव्मेंट दिखा जो मित्तल निवास के पीछे वाले रोड़ से हाकर चखना सेंटर की तरफ गये और कुछ देर बाद उसी पीछे वाले रास्ते पर जो हत्या के घटनास्थल की ओर जाता है, जाते दिखाई दिये, जिसके बाद पुलिस टीम चखना सेंटर के मालिक अर्जुन साहू निवासी रूडेकेला को सम्पर्क कर वहां का फुटेज देखा गया जिसमें 03 लड़के चोरी करते दिखाई दे रहे हैं ।

चखना सेंटर के मालिक के रिपोर्ट पर धारा 457,380 कायम किया गया । पुलिस टीम तत्काल संदिग्धों की पतासाजी कर तीन नाबालिग बालकों को हिरासत में लिया गया । चखना सेंटर के मालिक अर्जुन साहू ने बताया कि दुकान का एलवेस्टर तोड़कर अज्ञात आरोपियों द्वारा दुकान से गुटखा, सिगरेट, कोल्ड ड्रिंबक्स बॉटल व कुछ नकदी चोरी कर ले गये हैं । पुलिस टीम द्वारा हिरासत में लिए गये संदिग्ध बालकों से पूछताछ में चखना सेंटर में चोरी की वारदात कबूल किये, मित्तल निवास के पीछे एक स्थान पर ढेर सारे गुटखा के पाऊच रैपर के संबंध में कड़ी पूछताछ करने पर नाबालिगों द्वारा चखना सेंटर में चोरी के साथ निर्माणाधीन मकान के पास के मकान (मित्तल निवास) में दो लोगों की हत्या कर चोरी करना बताये, विधि के साथ संघर्षरत बालकों सहित 06 लड़कों द्वारा घटना को अंजाम देना बताने पर पुलिस की टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपी अक्षय प्रधान व चार विधि के साथ संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया गया, जिसके बाद इस अंधे हत्याकांड का खुलासा हुआ ।


जांच टीम को विधि के साथ संघर्षरत बालकों व आरोपी युवक अपने मेमोरेंडम कथन में कि 22 सितंबर की दोपहर गांव में संदीप उर्फ कोंदा, अक्षय प्रधान उर्फ मुंडू और 04 नाबालिग बालक रात को लैलूंगा जाकर चोरी करने का प्लान बनाये । आरोपी अक्षय प्रधान बनाया कि सभी अक्सर एक साथ बैठकर गुटखा पाऊच खाते थे, लैलूंगा में सरस्वती मंदिर के पीछे कई बार इकट्ठे होकर गुटखा, पाऊच खाये, आरोपी बताया कि चोरी के प्लान के अनुसार तीन लड़के (सभी नाबालिग) एक साथ तथा तीन लड़के जिसमें अक्षय प्रधान, संदीप उर्फ कोंदा व एक बालक एक साथ लैलूंगा पहुचेंगे और रात में अपने पुराने मिलने के ठिकाने सरस्वती मंदिर के पीछे मिलेंगे ।

आरोपियों के प्लान के अनुसार तीन लड़के जो पहले लैलूंगा पहुंचे थे सांई पेट्रोल पम्प के पास चखना दुकान में चोरी किये और वहां से गुटखा, सिगरेट, कोल्ड आदि लेकर सरस्वती मंदिर के पीछे पहुंचे, जहां इन्हें उनके तीन और साथी अक्षय प्रधान, संदीप उर्फ कोंदा व एक बालक मिला । सभी लड़के क्षेत्र को अच्छी तरह से जानते थे, वे आसपास मकानों को झांके और निर्माणाधीन मकान के पास वाले मकान (मदन मित्तल का मकान) में बांस के सहारे ऊपर रोशनदान तक दो लड़के रोशनदान तक पहुंचे । आरीपत्ती (ब्लेड) से रोशनदान को काटकर दो लड़के अंदर घुसे और दरवाजा खोले, तब उनके बाकी साथी भी अंदर प्रवेश किये । एक कमरे की लाइट जल रही थी और एक कमरे के पलंग में एक महिला और पुरूष सोये थे । आलमारी खोलकर बैग निकाले इतने में सोय व्यक्ति जाग गया तो 06 लड़के महिला का तकिया से व पुरूष का गला दबाकर हत्या कर दिये । घटना के बाद बैग में रखे रूपये लेकर दरवाजे के रास्ते भाग निकले ।

जाते समय रास्ते में पहले एक स्थान पर सभी रूके । बैग को संदीप उर्फ कोंदा पकड़ा था । संदीप अपने साथियों को क्रमशरू 20 हजार, 19 हजार, 18 हजार, 14 हजार एवं एक को 09 हजार रूपये बांटा और बाकी रूपये बैग सहित अपने पास रखकर “बांकी रूपये बाद में बंटवारा कर लेंगे अभी कुछ दिन अलग-अलग जगह छिपे रहो” कहकर वहां से निकला । तब सभी अपने घर पहुंचे और घर में बहानेबाजी कर इधर-उधर फरार हो गये । पुलिस टीम के हाथ आये 04 विधि संघर्षरत बालक एंव आरोपी युवक अक्षय प्रधान बताये कि बटवारे रूपये से कपड़े, चप्पल खरीदे हैं, पुलिस टीम द्वारा इनसे खर्च के बाद बचे हुये नकदी 80,000 रूपये, घटना में प्रयुक्त आरीपत्ती (ब्लेड), घटना समय पहने कपड़े बरामद किया गया है ।

फरार आरोपी के पास बैग व कुछ नकदी होना इनके द्वारा बताया गया है । विधिसंघर्षरत बालक व आरोपी अक्षय प्रधान उर्फ मुंडू पिता राम कुमार प्रधान उम्र 23 वर्ष निवासी थानाक्षेत्र लैलूंगा को हत्या सहित नकबजनी के धारा 457,380,302 प्च्ब् एवं नकबजनी धारा 457,380 प्च्ब् में सक्षम न्यायालय पेश किया जा रहा है । फरार आरोपी की सरगर्मी से पतासाजी जारी है, जिसके शीघ्र हिरासत में लिये जाने की सम्भावना है । अपचारीगण में कुछेक के पूर्व में मोबाईल व क्षेत्र में छोटी-बड़ी चोरियों का रिकार्ड है, जिनके पूर्व आपराधिक रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं।


एसपी अभिषेक मीना के कुशल नेतृत्व में निर्मम हत्याकांड का खुलासा करने में एडिशनल एसपी लखन पटले, एसडीओपी धरमजयगढ़ दीपक मिश्रा तथा थाना प्रभारी लैलूंगा, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, पूंजीपथरा, चक्रधरनगर के नेतृत्व में गठित टीम व साइबर स्टाफ का विशेष योगदान रहा है ।

Related Posts

Leave a Comment