National Tribal Dance Festival: रायपुर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के मंच से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी महोत्सव 2019 में भूपेश बघेल ने शुरू किया। यह अलग तरह का आयोजन है। उस वर्ग का सम्मान है, जो सदियों से शोषित रहा है। इस आयोजन से देश भर को संदेश दिया गया है कि यह वर्ग कदम से कदम मिलाकर चल सकता है। आज भी वंचित है। यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। मैं मुख्यमंत्री नहीं भी होता तो आयोजन देखने जरूर आता।
जनजातीय समाज अपनी सभ्यता, संस्कृति को बचाने में लगे हैं। आयोजन से एक नई ऊर्जा मिलेगी। जनजाति वर्ग में अद्भुत क्षमता है, प्रकृति रूप से मजबूत हैं। सीमित संसाधन है, न मकान, न खाना, फिर भी खेलों में झारखंड की लड़कियां नाम कमा रही है। अनुसूचित जाति के बच्चों को विदेशों में पढ़ने 100 प्रतिशत छात्रवृति दे रहे। आदिवासी के लिए जन जंगल जमीन ही आत्मा होती है, बैंक बैलेंस नही, केवल खेत, वनोपज ही सहारा है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने प्रयास कर रहे हैं।महामारी ने सभी को तोड़ दिया, फिर भी संवेदनशीलता का उदाहरण देखने को मिला। बीमारी ठीक करने हवा में तीर चला रहे हैं। लोग अपनी सूझबूझ से सुरक्षित हैं। आगे बढ़ना है, कब तक घर में बैठेंगे, सभी की जिम्म्मेदारी है।अंत में जय जोहार से अपने उद्बोधन का सीएम हेमंत सोरेन ने समापन किया।
वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि आदिवासी उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। 52 प्रकार के लघु वनोपज खरीद रहे। सभी का विकास हो, पुरखों के सपने पूरे हो, यह सभी के प्रयास से होगा। पहला राज्य, आदिवासी की जमीन जो उद्योग के लिए ली थी, उसे वापस किया। गोठान, लाख क्विंटल गोबर खरीदा, कम्पोस्ट प्लांट लगा रहे। हरेली, तीजा, विश्व आदिवासी, कर्मा पूजा, आदि अवकाश स्वीकृति दी। संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाएंगे।
