जंगली जानवरों की शहरी इलाकों में घुसपैठ के मामलों में बढ़ोतरी

by Kakajee News

वनक्षेत्रों से हिसंक वन्यजीवों के साथ शाकाहारी वन्यजीवों के जंगल से बाहर निकलकर रहवास क्षेत्र में घुसने की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। इससे वन्यजीवों की शिकार होने के साथ इंसानों के साथ भिड़ंत होने की आशंका बनी रहती है। इससे वन विभाग के साथ स्थानीय प्रशासन को परेशानी से जूझना पड़ता है। साथ ही लोगों द्वारा वन अफसरों पर वन्यजीवों को पकड़ने अथवा मारने के लिए दबाव बनाया जाता है। इस बात को देखते हुए वन्यजीवों को जंगल से बाहर निकलने रोकने वन मुख्यालय के आदेश पर अलग-अलग वनमंडलों में टास्क फोर्स बनाकर वन्यजीवों को जंगल से बाहर निकलने रोकने कोशिश करने की सलाह दी गई है।

उल्लेखनीय है जंगल से ज्यादातर हाथी के साथ तेंदुआ, भालू, जंगली सुअर, हिरण, सांभर जैसे वन्यजीवों की निकलने की घटनाएं होती है। इसमें जंगली सुअर के साथ अन्य हिंसक जानवरों का इंसानों के साथ भिड़ंत की स्थिति निर्मित होती है। वहीं जंगली सुअर, हिरण, सांभर जैसे वन्यजीवों के जंगल से बाहर निकलने पर इन वन्यजीवों को खाने की लिए शिकारी शिकार करने के फिराक में रहते हैं। दोनों ही परिस्थिति में इंसान के साथ वन्यजीवों के लिए खतरा रहता है। इस बात को देखते हुए सभी वनमंडलों में वन्यजीवों की सुरक्षा की दृष्टि से जंगल से बाहर निकलने फिल्ड में काम करने वाले वन अफसरों के नेतृत्व में टास्क फोर्स बनाकर वन्यजीवों को जंगल से बाहर आने रोकने की कोशिश की जाएगी। साथ ही जंगल से बाहर निकल आए वन्यजीवों को रेस्क्यू कर वापस जंगल में सुरक्षित छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।

अवैध कब्जा से बढ़ी परेशानी

अलग-अलग वनमंडलों के वन अफसरों से बात करने पर वन अफसरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि वन्यजीवों की जंगल से बाहर निकलने की घटना जंगलों में अवैध कब्जा एक बड़ा कारण है। जंगल में इंसानी हलचल देखकर वन्यजीव विदक जाते हैं। इस वजह से वन्यजीव सुरक्षित जगह की तलाश में रहवासी क्षेत्र में घुस जाते हैं।

हाथी और भालू की घुसने की घटनाएं ज्यादा

वन्यजीवों की रहवासी क्षेत्र में घुसने के सबसे ज्यादा मामला हाथी और भालू के सामने आते हैं। दोनों वन्यजीव इंसानी खाने योग्य अनाज खाने के शौकिन हैं। इस वजह से इन दोनों वन्यजीवों की रहवासी क्षेत्र में घुसने की सर्वाधिक घटनाएं सामने आती है। इसी के साथ हिंसक वन्यजीव तेंदुआ छोटे जानवरों की शिकार की तलाश में रहवासी क्षेत्र में घुसते हैं। तेंदुआ का रहवासी क्षेत्र में घुसने की ज्यादातर घटनाएं कांकेर के साथ गरियाबंद वनमंडल में होती है।

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