रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग द्वारा तेज बारिश के साथ बिजली कडकने संबंधी अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटे में बिलासपुर संभाग सहित छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज के साथ छीटें पड़ने के अलावा बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है। इससे पहले छत्तीसगढ़ के बेमेतरा सहित सरगुजा, रायगढ़, जशपुर, रायपुर, सराईपाली, बलौदाबाजार सहित बीते दो दिनों से रूक-रूककर हो रही तेज बारिश से जन जीवन खासा प्रभावित हुआ है और सबसे ज्यादा बेमेतरा जिले में अभी भी नदी नाले उफान पर हैं जिसके चलते जिला प्रशासन अलर्ट पर है।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार बेमेतरा जिले से बहने वाली जीवनदायिनी शिवनाथ नदी सुरभि नदी हाफ नदी सकरी नदी अपने पूरे उफान पर है जिसके चलते जिला प्रशासन ने पूरे जिले में हाई अलर्ट में रखा है और लोगों से अपील की है कि वह सुरक्षित स्थान मैं पहुंचे, सकरी नदी 40 साल बाद यह नदी अपने उफान पर आई है और नदी किनारे बसे गांव में बाढ़ का कर देखा जा रहा है।
ग्राम पथरिया में 20 से ज्यादा घर पानी में डूब चुके हैं वही नवागढ़ ब्लाक मुख्यालय में छोइहा व मोहरगिया नाला भी अपने उफान पर है जिसके चलते नवागढ़ बस स्टैंड व बाजार पानी में डूब चुके हैं वहीं घरों से लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं वही जिले से बहने वाली शिवनाथ नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जिसके चलते करमसेन गांव टापू में तब्दील हो गया है और 800 से ज्यादा लोग गांव में फंसे हुए हैं हालांकि जिला प्रशासन की ओर से बार-बार अपील की जा रही है कि वह गांव के सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं लेकिन अभी भी कई लोग अपने घरों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं वहीं जिला प्रशासन की ओर से कल भी रेस्क्यू कर कुछ लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाया गया है वहीं कई जगह पर स्कूल आंगनबाड़ी केंद्रों में कैंप बनाकर बाढ़ प्रभावित परिवारों को रखा गया है, और उनके लिए खाने पानी की व्यवस्था की जा रही है।
एक अन्य जानकारी के अनुसार जांजगीर चांपा जिले के आधा दर्जन से भी अधिक गांव महानदी में आई बाढ़ के चलते एलर्ट मोड में है। साथ ही साथ रायगढ़ जिले के सरिया और बरमकेला व पुसौर ब्लाक के 18 गांव में मुनादी कराई गई है। ताकि जैसे ही महानदी का जल स्तर खतरे के निशान को पार करता है तो उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी की जा सके।
