रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 10 रुपये के सिक्कों को नहीं लिया जा रहा। यहां दुकानदार की छोड़ो, भिखारी तक 10 का सिक्का लेने से मना कर रहे हैं। हालांकि, राजधानी के अलावा दूसरे जिलों में आसानी से यह सिक्का चल रहा। यह भारतीय मुद्रा का अपमान है और इसके लिए राजद्रोह के तहत कार्रवाई की जा सकती है। गौरतलब है कि अगर कोई भी सिक्का लेने से इंकार करता है, तो उसके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। पुलिस संबंधित के खिलाफ अपराध कायम करेगी।
ऐसे करें असली-नकली सिक्के की पहचान
- असली सिक्के में रुपये का साइन बना होता है, जबकि नकली में केवल 10 लिखा हुआ होता है।
- असली सिक्के में 10 पट्टियां यानी स्ट्रिप्स बनी हैं, जबकि नकली में 15 पट्टी बनी हुई हैं। ये स्ट्रिप्स आपको रुपये के सिंबल के ऊपर बनी दिखेंगी। तस्वीर में चेक कर सकते हैं।
- नकली सिक्के में 10 केवल बीच के सिल्वर वाले हिस्से पर लिखा होता है जबकि असली सिक्के में यह थोड़ा नीचे या गोल्ड और सिल्वर दोनों पर मिलाकर लिखा गया होता है।
- असली सिक्के के दूसरी ओर भारत और इंडिया (अंग्रेजी) अलग-अलग लिखा है, जबकि नकली में एक साथ लिखा हुआ दिखता है।
- अगर आपका सिक्का नकली है, तो आपको सिक्के पर नजर आने वाले अशोक स्तंभ के नीचे और ऊपर एक हारिजेंटल लाइन दिखाई देगी, जबकि असली सिक्के में ऐसी कोई भी लाइन नहीं रहती।
यहां कर सकते हैं शिकायत :
आरबीआई काइनीज एक्ट-2011 के तहत सिक्के लेने से मना करने पर पुलिस थाने में शिकायत की जा सकती है। जिसके आधार पर एफआइआर से लेकर संबंधित दुकानदार का लाइसेंस या सर्विस प्रोवाइडिंग रद्द तक की जा सकती है। आरबीआइ के मुताबिक सिक्का लेने से इंकार करने पर आईपीसी 124ए (राजद्रोह) के तहत कार्रवाई की जा सकती। यदि बैंक में सिक्के लेने से मना किया जा रहा है, तो ग्राहक सीधे ब्रांच मैनेजर अथवा कंट्रोलिंग आफिसर से मिलकर इसकी लिखित शिकायत कर सकते हैं। सिक्के नहीं लेने पर जेल तक भेजने का प्रावधान है।
