सरगुजा। छत्तीसगढ़ में लगातार जंगली हाथियों की बढ़ती संख्या से एक के बाद एक प्रदेश के सभी जिले हाथी प्रभावित जिले बनते जा रहा है। एक जानकारी के मुताबिक जंगली हाथियों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि ये महाराष्ट्र बार्डर तक पहुंच चुके है। दो दिन पहले पहले जंगली हाथियों ने एक महिला सहित दो लोगों की मौत के घाट उतारने के बावजूद इन जंगली हाथियों का आतंक जारी है और आज फिर एक बार जंगलों से निकलकर जंगली हाथियांे आतंक मचाते हुए पांच घरांे को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना की सूचना के बाद वन विभाग मौके पर पहुंच गया है।
यूं तो छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा जंगली हाथियों के आतंक को रोकने कई प्रयास किये जा रहे हैं इसके बावजूद लगातार बढ़ते जंगली हाथियों की संख्या से जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ते ही जा रहा है। जंगलों के रहने वाले इन जंगली हाथियों के द्वारा किसानों के फसल, घरो को नुकसान पहुंचाया आम बात हो गई। साथ ही हाथी और इंसानों के बीच जारी द्वंद्व में इंसानों की मौतों का आंकडा भी लगातार बढने लगे हैं। दो दिन पहले जहां जंगली हाथियों के हमले से दो की मौत हो गई थी वहीं आज सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों के दल ने पांच घरों को ढहा दिया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में पिछले कुछ समय से 10 जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है। इन जंगली हाथियों के द्वारा उदयपुर लक्ष्मणगढ़ के सुखरी भंडार में पांच घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। साथ ही साथ वहां रखे राशन को भी चट कर गए। इसके बाद सूरजपुर जिले के पे्रमनगर से होते हुए उदयपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों का यह दल पहुंच गया है। यहां जंगली हाथियों की मौजूदगी से यहां के ग्रामीणों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है।
हाथी आमद की सूचना के बाद उदयपुर वन परिक्षेत्र के वन विभाग की टीम के द्वारा मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को हाथी से सावधानी बरतने की बात कहते हुए उनसे दूरी बनाए रखने अपील की जा रही है। साथ ही साथ लोगों को जंगलों की तरफ जाने से मना किया जा रहा है। ताकि इस क्षेत्र में जंगली हाथियों के हमले से कोई जनहानि की घटना घटित न हो।
