हजारा समुदाय के लोगों ने शवों को दफनाने से किया इनकार, नरसंहार के लिए सरकार से मांगा इस्तीफा

by Kakajee News

पाकिस्तान में बीते दिनों ग्यारह खनिज श्रमिकों की हत्या कर दी गई थी। इस नृशंस हत्या में मारे गए सभी हजारा समुदाय के थे, जो शिया मुसलामन थे। इस घटना से आहत श्रमिकों के परिजनों ने शवों को दफनाने से इनकार कर दिया है। साथ ही बलूचिस्तान के पश्चिमी बाईपास पर पीड़ितों के शवों के साथ अपना धरना जारी रखा। इस दौरान उन्होंने बलूचिस्तान सरकार से हत्यारों को गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही इस्तीफे की भी मांग की।
डॉन ने तीसरे वर्ष की एक छात्रा मासोआमा यकोबा अली का बयान छापा है। उसने इस नरसंहार में अपने परिवार के पांच सदस्यों को खो दिया। उसने कहा, “मेरे बड़े भाई और चार अन्य रिश्तेदारों को दफन करने के लिए कोई भी पुरुष सदस्य हमारे परिवार में जीवित नहीं है।”
डॉन ने सैयद आगा रजा, बलूचिस्तान मजलिस वाहदत-ए-मुसलमीन (MWM) अध्यक्ष के हवाले से कहा, “हमने हजारा लोगों की सुरक्षा के लिए लंबे समय से धरने दिए हैं। लंबे समय से ऐसी हत्याओं का सामना कर रहे हैं और स्थिति से तंग आ चुके हैं।” आगा रजा ने कहा कि जब तक समुदाय की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक शवों को दफन नहीं किया जाएगा।
सरकार के इस्तीफे की मांग करते हुए, आगा रज़ा ने कहा कि बलूचिस्तान सरकार बार-बार हजारा समुदाय के लोगों की रक्षा करने में विफल रही है। आगा रजा ने कहा, “हम प्रांतीय सरकार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखेंगे।” उन्होंने कहा कि एक न्यायिक आयोग जिसमें शीर्ष अदालत के सेवानिवृत्त और बैठे न्यायाधीश शामिल हों, को इस घटना की न्यायिक जांच करने के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए।
जियो न्यूज के अनुसार, पुलिस ने कहा कि हथियारबंद लोग कोयला खनन करने वालों को पास के पहाड़ों में ले गए और आग लगा दी। पुलिस ने ग्यारह लोगों की मौत की पुष्टि की है जबकि अन्य लोगों की हालत गंभीर है।

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