हमारे देश में किसी भी नागरिक की पहचान के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज है आधार कार्ड। आधार कार्ड भारत के हर नागरिक के लिए जरूरी है। बच्चों के भी आधार कार्ड बनते हैं। बिना आधार कार्ड के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
हाल ही सरकार की तरफ से कहा गया है कि जिनके आधार कार्ड 10 साल से पुराने हैं, उन्हें आधार कार्ड में अपनी इंर्फोमेशन अपडेट करानी होंगी। हालांकि आजकल आधार कार्ड से जुड़े फ्रॉड काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में सरकार ने इस तरह के मामलों के लिए जुर्माने के साथ सजा का प्रावधान भी किया है। दरअसल, सरकार ने आधार नियम का उल्लंघन करने वालों और इसे पूरी तरह से सुरक्षित बनाने के लिए भारी जुर्माना लगाने की घोषणा की थी।
आधार में की धोखाधड़ी तो लगेगा तगड़ा जुर्माना
बता दें कि यूनीक आईडी के लिए आधार कार्ड डाटा, फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन के साथ, बायोमेट्रिक डिवाइसेज द्वारा कैप्चर किया जाता है। इसमें अगर कोई किसी तरह का फ्रॉड या धोखाधड़ी करता है तो उस पर एक्शन लिया जाएगा और तगड़ा जुर्माना लग सकता है। दरअसल, सरकार ने 2 नवंबर को UIDAI (जुर्माने का अधिनिर्णय) नियम, 2021 पेश किया था, जिसके तहत UIDAI किसी भी अनऑथराइज्ड एक्सेस या अधिनियम या UIDAI के निर्देशों के उल्लंघन के खिलाफ जुर्माना लगा सकता है। धोखाधड़ी करने वाले लोगों और संस्थानों पर 1 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
बता दें कि वर्ष 2019 में UIDAI (दंड का अधिनिर्णय) नियम, 2021 को अधिनियमित करने वाला कानून पारित किया गया था। इसमें UIDAI के लिए आधार को सिस्टम में गलत संस्थाओं के खिलाफ एनफोर्समेंट एक्शन के लिए नया चैप्टर जोड़ा गया है। इसके प्रावधानों के अनुसार, अगर इसके नियमों, विनियमों और निर्देशों के पालन में चूक होती है तो 1 करोड़ का जुर्माना लगाया जा सकता है।
हो सकती है जेल भी
अगर कोई UIDAI के बायोमेट्रिक जानकारी का गलत इस्तेमाल करता है या उसकी फेक कॉपी बनाता है तो उसको 3 साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही 10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। वहीं अगर कोई आधार कार्ड में डेमोग्राफिक या बायोमेट्रिक जानकारी को बदलने की कोशिश करता है या उसका डेटा चुराने की कोशिश करता है तो इसे अपराध माना जाएगा और इसमें भी जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
