रायगढ़. रायगढ़ जिला मुख्यालय स्थित अशर्फीदेवी महिला चिकित्सालय के दिन अब फिरने वाले बरसों से इसका एक हिस्सा खण्डहर में तब्दील हो गया है और अब इस खण्डहर को नए रुप देने के लिए जिला कलेक्टर भीम सिंह की पहल पर एनआर उद्योग का परिवार सामने आया है। समाज सेवा के साथ-साथ जनहित के लिए हमेशा आगे रहकर सेवा करने वाले एनआर उद्योग के मुख्य संचालक संजय अग्रवाल के पिता नंदकिशोर अग्रवाल व माता गुलाबी देवी, बड़े भाई राजेश अग्रवाल, विजय अग्रवाल ने फिर से इस अस्पताल में महिलाओं की जचकी की सुविधाओं के साथ-साथ यहां आने वाले ग्रामीण मरीजों तथा डाक्टरों के लिए अत्याधुनिक आपरेशन थियेटर के अलावा अन्य सुविधाओं को शुरू करने के लिए पुरानी बिल्डिंग को तोडक़र नया बनाने का बीड़ा उठाया है।
जिला कलेक्टर भीम सिंह ने हाल ही में एनआर उद्योग के संचालक संजय अग्रवाल से इस संबंध में चर्चा की थी और समाज सेवा में आगे रहकर हमेशा सहयोग देने वाले संजय अग्रवाल ने अपने पिता नंदकिशोर अग्रवाल व माता गुलाबी देवी, बड़े भाई राजेश अग्रवाल, विजय अग्रवाल से सलाह करके लगभग 70 लाख रुपए का एक स्टीमेट बनाया है। उन्होंने आज बताया कि डाक्टर रुपेन्द्र पटेल के ठीक पीछे स्थित बिल्डिंग का एक हिस्सा बरसों से जर्जर रहा है। चूंकि भारत में दानवीरता के नाम से अपना नाम कमा चुके स्व. सेठ किरोड़ीमल की पत्नी अशर्फीदेवी के नाम से बनाया गया यह अस्पताल पहले केवल प्रशव कार्य के लिए ही जाना जाता था लेकिन कालांतर में अब इस अस्पताल में डॉ रुपेन्द्र पटेल के अलावा अन्य कोई डाक्टर न तो सेवा दे रहा है और न ही यहां महिलाओं के प्रशव तथा जटिल आपरेशन के कार्य होते हैं। संजय अग्रवाल ने बताया कि जिला कलेक्टर भीम सिंह ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए डॉ रुपेन्द्र पटेल के पीछे स्थित बिल्डिंग को न केवल नया बनाने के लिए चर्चा की थी बल्कि यहां दुरस्त अंचलों से आने वाले गरीब तबके की महिलाओं को प्रशव के लिए सुविधा मिल सके और उनके साथ आने वाले परिवारजनों को भी रुकने तथा खाना बनाने के लिए अलग से स्थान मिले। साथ ही साथ नई बिल्डिंग में महिलाओं के जटिल आपरेशन को संचालित करने के लिए अत्याधुनिक आपरेशन थियेटर और डॉक्टरों को बैठने के लिए रुम के अलावा अन्य जरूरी सुविधाओं को ध्यान में रखा गया है और जल्द ही इसकी आधार शिला रखने के बाद काम तेज गति से शुरू किया जाएगा।
एनआर उद्योग के संचालक संजय अग्रवाल बताते हैं कि उनके पिता नंदकिशोर अग्रवाल और माता गुलाबी देवी का सपना रहा है कि ग्रामीण अंचलों में रहने वाले महिलाओं को सर्वाधिक पीड़ा प्रशव के समय होती है और रायगढ़ जिले में सरकारी अस्पताल को छोडक़र सभी जगह निजी अस्पतालों में ही इस प्रकार की सुविधा मिलती है और इसी परेशानी को देखते हुए उन्होंने संजय अग्रवाल को अशर्फीदेवी महिला चिकित्सालय का जीर्णोद्धार करने की न केवल स्वीकृति दी बल्कि इस अस्पताल में कोई भी कमी आने वाले मरीजों को या उनके परिजनों को न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। लगभग 70 लाख रुपए की लागत का भार एनआर उद्योग का परिवार ही उठाएगा और उन्होंने इस बात का संकल्प लिया है कि जिले में समय-समय पर कलेक्टर भीम सिंह के दिशा निर्देश में आगे भी जनहित के कार्यो के लिए तत्पर रहेंगे।
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