मादा हाथी की मौत के बाद पांच साल का नन्हा शावक क्षेत्र में कर रहा विचरण, गांव में कराई जा रही मुनादी, गेरसा जंगल में, पढ़िये पूरी खबर

by Kakajee News

रायगढ़। धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गेरसा गांव के जंगल में आज फिर एक मादा जंगली हाथी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मादा हाथिनी की मौत के बाद उसका पांच साल का नन्हा शावक अपनी मां के शव के पास घूम रहा है और वह वहां से दूर नही जा रहा। वन विभाग की पूरी टीम काफी मशक्कत में लगी है कि इस नन्हें शावक को उसकी मां से दूर करके अन्य जंगली हाथियों के साथ छोड़ा जा सके।


रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ व रायगढ़ वन मंडल में बढ़ते जंगली हाथियों की संख्या को लेकर सरकार ने कोई बड़े कदम नही उठाए हैं जिसके चलते आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में इन जंगली हाथियों का आतंक बदस्तूर जारी है। साथ ही साथ जिले में हाथियों की मौत का सिलसिला भी थम नही रहा है। हर महीने में कम से कम दो जंगली हाथी की मौत, कभी करंट से तो कभी अवैध शिकार से हो रही है। लेकिन वन विभाग इन मौतों को रोक पाने में पूरी तरह असफल रहा है। अगर आंकड़ो की बात करें तो अकेले रायगढ़ जिले के दोनों वन मंडल में अब तक 8 से अधिक जंगली हाथियों की मौत बीते चार महीने के भीतर हो चुकी है।


आज जिले के धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गेरसा से लगे जंगल में एक मादा हाथी की मौत होनें के बाद धरमजयगढ़ वन मंडल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है और अभी तक हथिनी की मौत के कारणों की पुष्टि जानकारी सामने नही आई है। ऐसा कहा जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद इसकी पुख्ता जानकारी सामने आएगी, लेकिन वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि जंगल रह रही इस हथिनी के बीमार होनें से अचानक इसकी मौत हुई है।

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