रायगढ़। घरघोड़ा पुलिस द्वारा ’सहारा इंडिया फ्रेंचाइजी(स्टार मल्टीपरपर्स को-ऑपरेटिव सोसायटी) के घरघोड़ा ब्रांच मैनेजर प्रदीप चक्रवर्ती के विरूद्ध 6 साल में इंवेस्ट रकम दुगना करने की प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ब्रांच मैनेजर पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक कल 06 फरवरी को रिपोर्टकर्ता डॉ0 रामचरण मिश्रा (उम्र 64 वर्ष) निवासी अग्रसेन भवन के पास वार्ड क्र.9 बरमकेला, थाना बरमकेला, जिला सारंगढ-बिलाईगढ़ (छ.ग.) लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि माह सितम्बर 2016 में उसके घर सहारा इंडिया ( ैज्।त्ै डन्स्ज्प्च्न्त्च्व्ैम् ब्व्व्च्म्त्।ज्प्टम् ैव्ब्प्म्ज्ल् स्प्डप्ज्म्क्) के फ्रेंचाइजी मैनेजर शाखा घरघोड़ा का प्रदीप चक्रवर्ती आया और सहारा इंडिया कंपनी के विभिन्न स्कीमों के बारे में बताकर बोला कि सहारा में रकम निवेश करने पर 06 वर्षों में पॉलिसी रकम दोगुना होगा। तब प्रदीप चक्रवर्ती के प्रलोभन में आकर अधिक लाभ के उद्देश्य से अपने और अपनी पत्नी कल्पना मिश्रा के नाम पर कुल 3,50,000 रू का पॉलिसी खरीदा। उसके बाद अपने परिचितों को भी सहारा इंडिया के बारे में बताया, वे भी कपंनी में इंवेस्ट किये इन्होंने घरघोड़ा आफिस जाकर रूपये जमा किये।
कुछ दिनों बाद प्रदीप चक्रवर्ती फोन बॉण्ड पेपर लेने घरघोड़ा ऑफिस बुलाया आफिस में कम्प्यूटर का प्रिंटर खराब है कहकर हाथ से लिखा उसका हस्ताक्षर सील लगा हुआ बॉण्ड पेपर दिया। पॉलिसी की परिपक्वता अवधि 06 वर्ष पूर्ण होने पर घरघोड़ा स्थित सहारा ऑफिस गये तो पता चला कि सहारा ऑफिस घरघोड़ा का बंद होकर रायगढ़ इतवारी बाजार सिफ्ट हो गया है। तब इतवारी बाजार स्थित सहारा कार्यालय में जाकर संपर्क किये जहां पता चला कि बॉण्ड पेपर व पॉलिसी का कम्प्यूटर में कोई एन्ट्री नहीं है और चारों बॉण्ड पेपर फर्जी तरीके से तैयार किया गया है। तब अपने परिचितों के साथ प्रदीप चक्रवर्ती के घर सोनुमुडा रायगढ़ जाकर पता किये प्रदीप टाल-मटोल कर जवाब दिया तथा रकम वापस कर देने की बात से इंकार कर दिया और 08 जुलाई 2022 को नोटरी के समक्ष रूपये लौटाने का इकरारनामा किया। इकरारनामा निर्धारित अवधि में भी प्रदीप द्वारा रकम वापस नहीं किया। सहारा इंडिया कंपनी कार्यालय घरघोडा के फ्रेंचाईजी मैनेजर प्रदीप चक्रवर्ती पिता सी.आर. चक्रवर्ती निवासी सोनुमुडा रायगढ़ द्वारा कंपनी में इन्वेस्ट कराने के नाम रकम लेकर कूटरचित फर्जी बॉड पेपर देकर कुल 3,50,000 रूपये का धोखाधड़ी की शिकायत पर आरोपी के विरूद्ध धारा 420,467,468,471 भा.द.वि. कायम कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस ने पीड़ित एवं गवाहों के बयान लेकर विवादित दस्तावेज बॉण्ड पेपर तथा इकरारनामा जप्त किया गया और आरोपी पतासाजी गिरफ्तारी के लिये दबिश दिये इस दौरान आरोपी प्रदीप चक्रवर्ती को घरघोड़ा में हिरासत में लिया गया। आरोपी ने घटना में प्रयुक्त रबर सील मुहर को साक्ष्य छिपाने की नियत से तोड़कर फेंक देना और ठगी में प्राप्त रकम को निजी कार्य में खर्च कर देना बताया। प्रकरण में साक्ष्य छिपाने की धारा 201 आईपीसी जोड़कर आरोपी प्रदीप चक्रवर्ती पिता स्व. चितरंजन चक्रवर्ती उम्र 57 वर्ष निवासी सोनुमुडा नावापारा वार्ड क्र. 37 बजरंगबली मंदिर के पास रायगढ़ थाना जूटमील, जिला रायगढ़ (छ.ग.) से बचत रकम तथा नमूना हस्ताक्षर लेकर आरोपी को घटना कारित करना पाते हुए गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
