बेरोजगारी भत्ते पर पूर्व मंत्री ने कहा क्या खैरात से जवानी कभी पलेगी

by Kakajee News

राज्य सरकार अपने घोषणा पत्र में किए वादे के मुताबिक एक अप्रैल से हर माह ढ़ाई हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता योजना की शुरुआत हो गई है | इसका लाभ लेने के लिए बेरोजगार युवक युवतियों का में उस्ताह भी दिख रहा है | महज 20 दिनों में ही 30 हजार से ज्यादा आवेदकों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया गया है । बतादें कि अब तक बेरोजगारी भत्ता के पोर्टल पर 91,049 आवेदन मिले है और इनमें से दस्तावेज सत्यापन के बाद 57,207 लोगों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत करने की अनुशंसा की गई है ।

गौरतलब है कि पूर्व में संचालित बेरोजगारी भत्ता योजना की तुलना में वर्तमान में लागू योजना कहीं अधिक सफल है। वर्ष 2015 में बंद की गई बेरोजगारी भत्ता योजना में अधिकतम 22 हजार आवेदकों को ही बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया गया था, जबकि नई योजना के अंतर्गत पहले 20 दिनों में ही 30 हजार आवेदकों का भत्ता स्वीकृत किया जा चुका है । जिसको लेकर अब खूब राजनीति हो रही है विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा की 30 हजार युवाओं का बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत होने पर कहा क्या खैरात से जवानी कभी पलेगी | जवानी को बढ़ना है तो खैरतो को छोड़ना पड़ेगा, चुनावी उपकरण नहीं बनाया जा सकता जवानों को, कौशल विकास के लिए 3 साल के बजट को सार्वजनिक करना चाहिए, छत्तीसगढ़ के लोग गोबर बीनना और गोमूत्र एकत्र करना सीखें हैं |

बेरोजगारी भत्ता योजना का पोर्टल https://berojgaribhatta-cg-nic-in 1 अप्रैल 2023 प्रातः से आवेदकों के लिए प्रारंभ हो चुका है। आवेदकों द्वारा इस पोर्टल पर पहले दिन से ही बड़ी संख्या में आवेदन किया जा रहा है । आवेदकों का कहना है कि पोर्टल द्वारा आवेदन करना बहुत ही आसान है, जिसमें वे आवश्यक समस्त दस्तावेजों को भी अपलोड कर रहे हैं, जिसकी पीठ ख़ूब तेज़ी से सरकार थपथपा रही है, 15 साल भाजपा ने छत्तीसगढ़ की जनता को लॉलीपॉप देने का काम किया है, लोकतंत्र जनता के प्रतिनिधि के तौर पर हम सरकार पर बैठते हैं, जनता का पैसा जो टैक्स के रूप में आता है वहीं सरकार संचालन करती है, हम कोई पैसा खैरात में नहीं दे रहे हैं, जनता का पैसा, जनता को दे रहे हैं।

 

भत्ते पर बेशक राजनीति हो रही है, पर इन सेवकों को एक बात ज़रूर समझ लेनी चाहिए, इनमें से कई युवा ऐसे है जिनके घर की दो जून की रोटी इस भत्ते से ही आई होगी | यदि सही समय पर रोज़गार मिल जाता तो किसी भत्ते, ख़ैरात और रेवड़ी की ज़रूरत ही नहीं पड़ती, ख़ैर जो भी हो ये भीड़ , ये पब्लिक राजनेताओं का सिर्फ़ वोट बैंक है |

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