जशपुर. जशपुर जिले के बगीचा में लगभग पांच एकड़ 22 डिसमिल जमीन जिसकी लागत करोड़ो में है उस जमीन के कई हकदान हैं लेकिन कागजों में हेराफेरी करके परिवार के एक ही सदस्य ने न केवल जमीन को बेच दिया बल्कि प्रशासन को भी अंधेरे में रखकर जमीन नामांतरण और जमीन के बिक्री होनें पर रोक संबंधी मामलों को भी दरकिनार कर दिया गया। स्थिति यह है कि अब इस पांच एकड जमीन के बाकी हकदार कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री के अलावा अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं कि उन्हें इंसाफ मिल जाएगा।
यह मामला है जशपुर जिले के बगीचा स्थिति ग्राम लोटा का है, पीडि़त परिवार की महिला खेमावती, नंदनी बाई, कमला बाई, टोभा बाई, बंसती (द्रोपती) ने एक बार नही बल्कि दर्जनों लिखित शिकायत जशपुर कलेक्टर के अलावा विभिन्न अधिकारियों को करते हुए यह बताया था कि उनकी जमीन ग्राम लोटा में प.ह.नं. नं. 18 में खसरा नं. 05 में रकबा 2.1280 हेक्टेयर जमीन है। जिसका नरेश चंद पिता चेतनराम द्वारा अवैध तरीके से न केवल बेच दिया गया है बल्कि बाकी हिस्सेदारों को भी इस खरीदी बिक्री की सूचना तक नही दी है। पीडि़तों का कहना है कि इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत संबंधी तहसीलदार से लेकर जशपुर जिले के कलेक्टर को भी लगातार की जा रही है। इतना ही नही मामला स्थानीय न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा है और सभी जगहों से उनके पक्ष में कार्रवाई के आदेश भी हुए लेकिन नरेश चंद ने अधिकारियों के साथ मिलकर पूरी जमीन को न केवल हथिया लिया है बल्कि टुकड़ो में लगातार बेचते हुए सभी हिस्सेदारों के साथ नाइंसाफी कर रहा है। महिला खेमावती, नंदनी बाई, कमला बाई, टोभा बाई, बंसती (द्रोपती)ने यह भी आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में बगीचा के तहसीलदार ने बकायदा जमीन की खरीदी बिक्री को अवैध बताया है। साथ ही साथ सभी अभिलेखों को दुरूस्त करने के लिए क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक को निर्देश जारी किया था लेकिन अभिलेखों की दुरूस्ती नही होनें से नरेश चंद ने जमीन को बेचकर करोड़ो रुपए कमा लिए हैं और तहसीलदार के आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है। इन सभी पीडि़त महिलाओं का कहना है कि नरेश चंद के इस फर्जीवाडे के मामले में जिला कलेक्टर कडी कार्रवाई करे और उनके साथ इंसाफ करते हुए उनके हिस्से की बेची गई जमीनों की रजिस्ट्री निरस्त करते हुए उन्हें उनका हक दिलवाने की पहल करें। इस आशय का पत्र जशपुर जिला कलेक्टर सहित प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री के अलावा अन्य सभी वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजा गया है। इंसाफ की आस में ये सभी जमीन की हिस्सेदार महिलाएं कई माह से लगातार भटक रही हैं जबकि नरेश चंद लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर अपने फर्जीवाड़े को अंजाम देते आ रहा है।
280
