प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा के बाद एक युवक से मिले व्हीआईपी नेताओं के पास, प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल सहित प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के नाम से बने थे व्हीआईपी पास

by Kakajee News

रायगढ़। 14 सितंबर को कोड़ातराई हवाई पट्टी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा संपन्न होनें के बाद अब भाजपा नेताओं की गंभीर लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। जिसमें केन्द्रीय नेताओं से लेकर प्रदेश नेताओं के नाम से बने व्हीआईपी पास एक साथ रेलवे स्टेशन पर एक युवक के पास मिले। जिसे लेकर वह बड़े आराम से यह बता रहा था कि उसे यह कचरे के डब्बे में मिले हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा स्थल पर पहुंचने के लिये प्रदेश भाजपा नेतृत्व में ने केन्द्रीय नेतृत्व से मिले आदेश के अनुसार अलग-अलग कैटेगिरी से एंट्री पास जारी किये थे और इनमें खुद प्रदेश प्रभारी ओम माथुर के अलावा छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरूण साव तक के पास बने थे। लेकिन अब ये कचरे के ढेर में मिले हैं। बताया यह भी जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल कोडातराई के पास भी सैकडो की संख्या में व्हीआईपी पास कचरे के ढेर में मिले जिन स्थानीय नेताओं को दिये जाना था परंतु भाजपा कार्यकर्ताओं की लापरवाही से इसे बांटा ही नही गया।
गंभीर लापरवाही से हो सकता था बड़ा नुकसान
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत में ही नही बल्कि विदेशों में भी चर्चित हैं और आज उनकी सुरक्षा को लेकर बकायदा बड़े स्तर पर ध्यान रखा जाता है और सभा के दौरान तो एसपीजी के अलावा गुप्तचर एजेंसियां इस बात पर नजर रखती है कि उनकी सभा में कोई भी आवांछिनीय तत्व अंदर न प्रवेश कर पाये लेकिन कचरे में मिले केन्द्रीय व राज्य स्तर के नेताओं के नाम से मिले व्हीआईपी पास ये बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा में जिला भाजपा के कुछ नेताओं की गंभीर लापरवाही के चलते कचरे के डिब्बे में डाल दिये गए जबकि इनका उपयोग नेताओं को कार्यक्रम स्थल में जाने के लिये उपयोग करना था। एक जानकार सूत्र बताते हैं कि रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर एक युवक ने कचरे से उठाकर इन पास को मीडिया तक पहुंचाया जिसके बाद इस प्रकार की लापरवाही का खुलासा हो सका।
किनके-किनके नाम से है व्हीआईपी पास
हमे मिली जानकारी के अनुसार युवक ने कचरे के डिब्बे से निकालकर जिन व्हीआईपी पास की जानकारी दी है। उसमें प्रदेश भाजपा प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरूण साव, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ रमन सिंह, पूर्व केन्द्री राज्य मंत्री विष्णुदेव साय, जिले की सांसद गोमती साय, भाजपा के प्रदेश स्तर के नेता भूपेन्द्र सवन्नी, प्रदेश के महामंत्री ओपी चैधरी के नाम दर्ज हैं इनके अलावा और भी बड़े नेताओं और विधायक के नाम भी इस कार्ड में अंकित है। मजे की बात यह है कि रायगढ़ जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल के नाम से भी व्हीआईपी पास कचरे के ढेर में मिला जबकि जिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम को सफल बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल पर थी।
एक साथ इतने पास आखिर फेंके किसने
भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा को सफल बनाने के लिये अलग-अलग लोगों को जिम्मेदारियां दी गई थी जिसमें वरिष्ठ नेताओं के अलावा प्रदेश के बड़े नेताओं और जिले के विधायकों तथा पदाधिकारियों के नाम से पास बनवाकर उनको दिये जाने थे लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में एक साथ मिले व्हीआईपी पास आखिरकार थे किसके पास और अगर सभी नेताओं के नाम से पास बने थे तो यह बांटे क्यों नही गए। लापरवाही तो तब हो जाती है जब सभा संपन्न होनें के बाद इन्हें कचरे में फेंक दिया जाता है। सूत्र यह भी बताते हैं कि कई वरिष्ठ नेताओं को सभा के दिन पास के लिये जद्दोजहद करनी पड़ रही थी और बिना पास के ही वे सभा स्थल के आसपास भटकते देखे गए और बाद में अव्यवस्था को लेकर काफी बवाल भी मचा। इस अव्यवस्था की जानकारी प्रदेश प्रभारी ओम माथुर को भी है उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कई नेताओं को जमकर लताड़ा भी है।
भाजपा नेताओं ने साध ली चुप्पी
इस पूरे मामले में हमने जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, पूर्व आईएएस अधिकारी व प्रदेश महामंत्री ओपी चैधरी के अलावा भाजपा के अन्य नेताओं से बात करने की कोशिश की लेकिन किसी ने भी इस पूरे मामले में जानकारी तो देना दूर फोन पर सवाल सुनते ही उन्होंने फोन काट दिया। बहरहाल अब देखना यह है कि देश ही नही बल्कि विदेशों में सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा के लिये बने इन व्हीआईपी के कचरे में मिलने के बाद पुलिस व भाजपा के बड़े नेता क्या कदम उठाते हैं।

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