आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार नहीं, इसलिए एक साल बाद भी 66 पंचायतों में सरपंच नहीं

by Kakajee News

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव के एक साल बीतने के बाद भी 66 ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जहां सरपंच का पद खाली है। दरअसल, ज्यादातर ग्राम पंचायतें अनुसूचित जाति या जनजाति के लिए आरक्षित हैं। मजे की बात है कि इन गांव में संबंधित जाति के उम्मीदवार ही नहीं रहते। ऐसी स्थिति में इन गांवों में बिना सरपंच के ही पंचायती सरकार का काम चल रहा है।
मतदाता आरक्षण की व्यवस्था के कारण मतदाता अपना सरपंच नहीं चुन सके हैं। इतना ही नहीं, आरक्षण का ही परिणाम यह रहा है कि प्रदेश के 874 आरक्षित वार्डों में पंचों के लिए कोई नामांकन तक दाखिल नहीं हो पाया। एक साल बाद भी आयोग ने यहां दोबारा चुनाव कराने में दिलचस्पी नहीं ली। जानकारी के मुताबिक इन गांवों के परिसीमन या गांव वालों के विस्थापित होने की वजह से इस तरह की नौबत आई है।

रायपुर में 415 सरपंच के पदों में दो गांव खाली
रायपुर में सरपंच के कुल 415 पद हैं। इनमें दो ग्राम पंचायतें खाली हैं। इसी तरह पंच के 6158 पदों में से 11 पद अभी तक खाली पड़े हुए हैंं। प्रदेश के 28 जिलों में से ज्यादातर खाली पद रायपुर समेत कांकेर, कवर्धा, बेमेेतरा, जगदलपुर व अन्य जिलों से हैं।

Related Posts

Leave a Comment