सारंगढ़ की विधायक उत्तरी जांगड़े लखपति से हुई करोड़पति , पहली बार विधायक बनते ही पांच सालों में हो गया छह गुना इजाफा

by Kakajee News

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की कांगे्रस विधायक उत्तरी जांगड़े का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है जिसका कारण है कि उनके नामांकन पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार बीते पांच सालों में उनकी संपत्ति छह गुना बढ़ गई है। जबकि विधायक बनने से पहले उनकी संपत्ति मात्र 13.95 लाख चल और 12 लाख रुपए कीमत की अचल संपत्ति थी। वहीं इनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतरी भाजपा की प्रत्याशी शिवकुमारी चैहान के पास खुद का मकान होनें के साथ-साथ चार लाख की संपत्ति भी है। यहां भी यही कहानी दिख रही है कि कैसे आम से खास बनी उत्तरी जांगड़े लखपति से न केवल करोड़पति हो गई बल्कि संपत्ति दोगुना की बजाए तीन गुना बढ़ गई। जनता में अब  लगने लगा है कि माननीयों की संपत्ति में बढ़ोतरी के कई किस्से कितने प्रचलित हैं। केवल पांच सालों में अचानक कुछ लोगों की जिंदगी जिस तरह से करवट बदलती है उतना किसी आम आदमी की नहीं। सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े तो इस मामले में उन्नीस नहीं बीस ही निकलीं। पांच सालों में पति-पत्नी दोनों की आय मिलाकर छह गुना बढ़ गई। विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन का दौर चल रहा है। 30 अक्टूबर को इसकी अंतिम तारीख है। रायगढ़ विधानसभा सीट को छोडकर बाकी सभी में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के साथ अभ्यर्थियों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण भी दिया है। शपथ पत्र में दी जाने वाली जानकारी में जो संपत्ति का ब्यौरा सामने आ रहा है वह जनता को चैका रहा है कि क्या पद मिलते ही उनके विधायक करोड़पति हो जाते हैं और उनकी जमीन जायदाद भी 6 गुना रफ्तार से बढ़ जाती है।

जनप्रतिनिधियों की संपत्ति में बेहिसाब बढ़ोतरी को लेकर जनता हैरत में
जनप्रतिनिधियों की संपत्ति में जबर्दस्त ढंग से बढ़ोतरी देखी गई है। सारंगढ़ सीट पर सबसे कमाल का बदलाव दिखा है। वर्तमान विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े को ही कांग्रेस ने दोबारा मौका दिया है। भाजपा ने इस बार नए चेहरे शिवकुमारी चैहान को उतारा है। दोनों की संपत्ति में बहुत अंतर है। उत्तरी जांगड़े की संपत्ति में बीते पांच सालों में बहुत उछाल आया है। 2018 की तुलना में उनकी संपत्ति छह गुना बढ़ गई है। 2018 में उत्तरी और गनपत जांगड़े के पास करीब 13.95 लाख चल और 12 लाख रुपए कीमत की अचल संपत्ति थी। पहली बार विधायक बनने वाली उत्तरी जांगड़े की संपत्ति छह गुना बढ़ जाने को लेकर जन चर्चा इस बात को लेकर तेज हो गई है कि क्या वाकई सक्सेस होनें के बाद उत्तरी जांगड़े की संपत्ति इतनी बढ़ गई और उसके पीछे क्या राज है।

2018 में पहली बार विधायक बनी थी उत्तरी जांगड़े
नये जिले के गठन से पहले सारंगढ़ विधानसभा रायगढ़ जिले के अंतर्गत आती थी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यहां से उत्तरी जांगड़े की बड़ी जीत के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ के नाम से अलग जिला बनाकर एक बार फिर से सारंगढ़ से उत्तरी जांगड़े को अपना प्रत्याशी बनाया है। जानकारी के अनुसार जब पहली बार सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में उत्तरी जांगड़े ने 2018 में शपथ पत्र जमा किया था उसमें उनकी संपत्ति 13.95 लाख चल और 12 लाख रुपए कीमत की अचल संपत्ति थी। अब एक बार फिर से चुनाव मैदान में उतरी उत्तरी जांगड़े ने 2023 चुनाव के लिए दिए गए एफिडेविट में यह कई गुना बढ़ चुकी है। अकेले उत्तरी के पास करीब 52.98 लाख की चल संपत्ति और 55 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्ति है। गनपत के पास भी 9 लाख रुपए की चल संपत्ति और 45 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्ति हो चुकी है। दोनों के पास कुल मिलाकर 2018 में 23 लाख की संपत्ति थी जो अब करीब 1.69 करोड़ रुपए पहुंच गई है। मतलब संपत्ति में छह गुना से भी अधिक का इजाफा हुआ है। सारंगढ़ सीट पर जीतने के पूर्व और दोबारा लडने के दरमियान इतनी तेजी से संपत्ति में इजाफा देखकर कई लोग भौचक्के हैं।

भाजपा प्रत्याशी शिवकुमारी के पास केवल 4 लाख की चल संपत्ति
उत्तरी जांगड़े के सामने भाजपा ने गृहिणी शिवकुमारी चैहान को उतारा है। दोनों जीत के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। संपत्ति के मामले में दोनों शिवकुमारी कहीं नहीं टिकती है। शिवकुमारी के पास करीब 4.05 लाख की चल संपत्ति है और उनके पति के पास 5.30 लाख की चल संपत्ति है। वहीं शिवकुमारी के नाम पर कोई भी अचल संपत्ति नहीं है। उनके पति की अचल संपत्ति का मूल्य करीब 21.80 लाख है। इस तरह उत्तरी की तुलना में शिवकुमारी के पास करीब 30 लाख की संपत्ति ही है।

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