मन में किस बात का गुस्सा था, वह लोगों को यह भी नहीं बता सकी। उसने 3 साल के एक बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद लाश को बोरे में बंद कर अपने घर में छिपा रखा था। जब लाश सामने आई तो गुस्सा इतना भड़क चुका था कि लोगों ने उसे महिला की एक नहीं सुनी। पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी।
घटना अगरेर थाना क्षेत्र के आकाशी गाँव की है। घटना के संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि आकाशी गांव में जगु सिंह का तीन वर्षीय बेटा शिवम् दरवाजे पर खेल रहा था। कुछ देर के बाद बच्चा अचानक गायब हो गया। काफी खोजबीन करने पर भी उसका कहीं कोई अतापता नहीं चल पाया।
ग्रामीणों ने सबके घरों में ढूंढना शुरू किया। सभी घरों की तलाशी लेने के क्रम में पड़ोस के दशरथ सिंह के घर वालों ने तलाशी देने से मना कर दिया। अब ग्रामीणों का शक बढ़ गया और लोग जबरन घर की तलाशी लेने की बात कहने लगे। इसी दौरान दशरथ सिंह की पत्नी चिंता देवी ने छत पर से एक बंद बोरा अपने छत से मकान के पीछे फेंक दिया। घर के छत से बोरा फेंकते देख मकान के पीछे से लोग हल्लागुल्ला करने लगे। जब लोग उधर जाकर देखे तो उसमें बच्चे की लाश पड़ी थी।
बोरे में बच्चे की लाश देखकर लोग भड़क गये और आरोपित महिला चिंता देवी को घर से खींचकर उसकी जमकर पिटाई कर दी। ग्रामीणों की पिटाई से महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। लेकिन इसके बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा कम नहीं हुआ और फिर आक्रोशित लोगों ने उस महिला के घर को आग के हवाले कर दिया।
