रेसिडेंसियल एरिया के मकानों का कमर्शियल उपयोग, क्षेत्रवासियों की बढ़ती है समस्या, कार्रवाई नहीं
रायगढ़. महानगरों की तर्ज पर शहर लगातार विकसित हो रहा है, लेकिन यहां लंबे समय से रिहायशी क्षेत्रों मंे गोदाम व काॅलोनियों में कमर्शियल उपयोग के लिए किराए में मकान देना समस्या बनी हुई है। क्योंकि आबादी वाले क्षेत्र में गोदाम होने से क्षेत्र के लोगांे को कोई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और बावजूद इसके लिए संबंधित अधिकारी इस पर कार्रवाई करने के बजाए अनदेखी करने में लगे हैं। विदित हो कि शहर विकसित हो रहा है और यही कारण है कि कई बड़े बड़े प्रतिष्ठान शहर में खुल रहे हैं। साथ मुख्य सड़कों व काॅलोनियों में कई व्यवसायी स्वयं के लाभ के लिए गोदाम स्थापित कर दे रहे हैं। जिसके कारण क्षेत्र के लोगांे को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बड़ी वाहनें करती हैं प्रवेश
बताया जा रहा है कि शहर में कई ऐसे काॅलोनी हैं जहां मकान किराए में लेकर व्यवसायी उसका उपयोग गोदाम के रूप में करते हैं। जिसके कारण गोदाम में कभी पिकप तो कभी अन्य बड़ी वाहनें प्रवेश करती हैं जिसके कारण क्षेत्र के लोगों को काफी समस्याएं झेलनी पड़ती है। यही नहीं मुख्य मार्गों पर भी यह नजारा आसानी से देखा जा सकता है। व्यवसायी सड़कों पर ही अपने गोदाम का सामान लोड अनलोड करते हैं जिसके कारण कई बार यातायात जाम की स्थिति भी निर्मित हो जाती है।
हो चुकी है घटना
काॅलानी के मकानों में कमर्शियल उपयोग किया जा रहा है। जहां पूर्व में सावित्री नगर काॅलोनी में एक फायनेंस कंपनी संचालित थी। जहां फायनेंस कंपनी में कार्यरत युवक ने फांसी लगा ली थी, तब भी क्षेत्र के लोगों का कहना था कि रेसिडेंसियल एरिए में कमर्शियल उपयोग करने से क्षेत्र के लोग कई तरह से परेशान रहते हैं। यह आज की बात नहीं बल्कि लंबे समय से इस तरह काॅलोनियों व रिहायशी क्षेत्रों में गोदामों का संचालन किया जा रहा है।
कोल्ड स्टोरेज भी बना रहे
बताया जा रहा है कि शहर में कई लोग फल का व्यवसाय कर रहे हैं और इसके लिए शहर के रेसिडेंशियल इलाकों में किराया का बड़ा मकान लेते हैं। इसके बाद उसे कोल्ड स्टोरेज के रूप में डेवलप कर दिया जा जाता है। ताकि फलों के स्टाॅक को वहां रख सके। इससे आसापास रहने वालांे की परेशानियां बढ़ जाती है। ऐसे में संबंधित विभाग के अधिकारियों को ऐसे जगहों का चिन्हित कर उसे शहर से बाहर संचालन कराना चाहिए। ताकि क्षेत्रवासियों की परेशानियां कम हो सके।
नहीं हो रही है कार्रवाई
शहर के बीच काॅलोनियों व रिहायशी क्षेत्रों में गोदामों का संचालन करने से उन्हें आर्थिक लाभ भी मिलता है। क्योंकि शहर से बाहर अगर गोदाम हो तो उन्हें ट्रांसपोर्ट पर आर्थिक नुकसान होगा और उसी को देखते हुए शहर के काॅलोनियों में गोदाम का संचालन कर रहे हैं। फिलहाल ऐसे गोदामों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करते हुए गोदामों को शहर से बाहर संचालन कराने की जरूरत है। ताकि लोगांे की समस्याएं दूर हो सके।
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