जशपुरनगर। जशपुरनगर में हाथियों के हमले में 60 वर्षीय महिला सियामनी बाई की बुधवार सुबह मौत हो गई है। हादसे के वक्त मृतिका अपने दामाद के साथ ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले की ओर जा रही थी। घटना तपकरा वनपरिक्षेत्र के जबला गांव की है। वह जबला में रहने वाली बेटी दामाद के घर इलाज कराने के लिए आई थी। स्वस्थ्य होने के बाद बुधवार की सुबह दामाद उन्हें गांव पहुंचाने जा रहा था। तभी हाथी ने हमला कर दिया।
दामाद ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। गौरतलब है कि प्रदेश के हाथी प्रभावित जिले में शामिल जशपुर में बीते 41 दिन में हाथियों के हमले में जिले में पांच लोगों की जान जा चुकी है। बीते वर्ष जिले में 26 लोगों की हाथियों के हमले में मौत हुई थी।
तपकरा रेंज बना स्थाई डेरा
जिले का तपकरा वन परिक्षेत्र ओडिसा से पलायन किए हाथियों का स्थाई डेरा बन चुका है। वन विभाग के मुताबिक तपकरा रेंज में बुधवार की स्थिति में 16 हाथी मौजूद हैं। इन अतिकायों की निगरानी और रहवासियों को चेतावनी देने के लिए कोई सिस्टम नहीं बना सका है। रेडियो कालर आईडी पहनने का मामला अब तक अधर में लटका हुआ है। हादसे का शिकार हुई वृद्धा का दामाद जय नारायण वन विभाग में अग्नि रक्षक के रूप में सक्रिय कार्यकर्ता है। लेकिन हाथी की मौजूदगी की खबर उसे भी नहीं थी। बताया जा रहा है कि दल से बिछड़े हुए इस हाथी की इलाके में मौजूदगी से वन अमला भी बेखबर था। हाथियों को लेकर क्षेत्र में अब दहशत बढता ही जा रहा है। जिसे लोग डरे हुए हैं।
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