टोल प्लाजा में ठेकाकर्मी वसूल रहे तीन गुना शुल्क

by Kakajee News

बिलासपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन चालकों की सहूलियत और टोल के नाम पर होने वाली मनमानी को रोकने के लिए फास्टैग शुरू किया है। अब टोल प्लाजा की कमान संभाले ठेकाकर्मियों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है और तीन गुना वसूली करने लगे हैं। उनके आसान शिकार ट्रैवल एजेंसी के वाहन चालक ज्यादा हो रहे हैं।
दरअसल बिलासपुर-रायपुर रोड पर भोजपुरी पर बने टोल प्लाजा में पहुंचने पर कर्मचारी फास्टैग लेन के सामने वाहनों को रोक देते हैं। फिर फास्टैग का बैलेंस जीरो बताकर जुर्माने के रूप में दुगुनी राशि वसूल लेते हैं। कुछ दूर जाने के बाद पता चलता है कि फास्टैग के खाते से भी राशि कट चुकी है। इस तरह की ठगी के एक नहीं बल्कि कई मामले सामने आ चुके हैं। खास यह कि इस ठगी के शिकार हुए लोगों की सुनवाई एनएचएआइ (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) से लेकर बैंकों तक में नहीं हो रही है।
भोजपुरी टोल प्लाजा के कर्मचारी फास्टैग के नाम पर जमकर वसूली कर रहे हैं। टोल में वाहनों की आवाजाही के लिए छह लेन बनी है। आखिरी की दो लेन को बगैर फास्टैग वाहनों के लिए आरक्षित रखा गया था। शेष लेन में फास्टैग लगे वाहनों को गुजारा जाता है। टोल मंे स्केनर मशीन लगी है।
जैसे ही फास्टैग वाहन लेन में पहुंचता है स्केनर मशीन के जरिए स्केन कर लेता है और बैंक अकाउंट से 80 स्र्पये कट जाते हंै। टोल में कुछ अलग ही हो रहा है। लेन में जैसे ही वाहन पहुंचता है काउंटर में बैठा कर्मचारी बताता है कि फास्टैक अकाउंट में जीरो बैलेंस बता रहा है। फिर वाहन चालक से 80 स्र्पये के बजाय 160 स्र्पये की वसूली कर ली जाती है। 80 स्र्पये टोल का किराया और 80 स्र्पये बिना बैलेंस फास्टैग लेन में आने का जुर्माना। कर्मचारियों की चालाकी देखिए।
टोल परिसर में फास्टैग लेन से पहले बोर्ड में इस बात की चेतावनी लिख दी है कि फास्टैग लेन में बिना फास्टैग जाने पर दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा। बोर्ड में लिखी चेतावनी के अनुसार जुर्माने की राशि भी जबरिया वसूल रहे हैं। वाहन चालकों से टोल के कर्मचारी हुज्जबाजी भी कर रहे हैं।

टोल से निकलते ही बैंक खाते से कट जा रही राशि
ट्रैवल एजेंसी संचालक शरद पांडेय ने बताया कि दो दिन पहले इनोवा लेकर वाहन चालक रायपुर गया था। टोल में फास्टैग लेन में पहुंचने के बाद बैलेंस को जीरो बता दिया और दोगुना जुर्माना वसूलते हुए 80 स्र्पये के बजाय 160 स्र्पये ले लिए। वाहन चालक ने मोबाइल से इसकी जानकारी भी दी। तब मैंने खुद टोल के कर्मचारियों से बात की। फास्टैग में बैलेंस होने की बात से इन्कार कर दिया। टोल से इनोवा तकरीबन पांच किलोमीटर ही गया था कि उनके मोबाइल पर फास्टैग से 80 स्र्पये कटने का मैसेज आया। फास्टैग में जीरो बैलेंस बताकर तीन गुना राशि वसूलने का खेल टोल में हो रहा है। संचालक पांडेय ने बताया कि इस फर्जीवाड़े की शिकायत उसने एनएचएआइ के कार्यालय के अलावा संबंधित बैंक में भी कर दी है। आजतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
फास्टैग का बैलेंस जांच करने के लिए मंत्रालय की ओर से टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। इसमें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मिस्ड काल करने पर जानकारी मिल जाती है। वहीं ट्रैवल एजेंसियों में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर संचालकों के पास होता है। इससे जानकारी समय पर नहीं मिल पाती।

Related Posts

Leave a Comment