कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल अंतर्गत मुंडाली गांव में वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त पहल से एक दुर्लभ प्रजाति की एशियन पाम सिवेट का रेस्क्यू किया गया। मादा सीवेट अपने बच्चों के साथ एक घर में रह रही थी, जिसे वन विभाग की टीम ने सुरक्षित तरीके से पकड़कर निकटवर्ती वन क्षेत्र में छोड़ दिया।
वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की संयुक्त टीम ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।टीम ने पूरी सावधानी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सिवेट माता और उसके बच्चों को सुरक्षित तरीके से पकड़ा।
इस पूरे अभियान ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है- यह घटना दर्शाती है कि जब प्रशासन, विशेषज्ञ संस्थाएं और स्थानीय समुदाय मिलकर कार्य करते हैं, तो न केवल मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना कम होती है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण को भी मजबूती मिलती है।
कटघोरा वन मण्डल के वनमण्डलाधिकारी (DFO) श्री कुमार निशांत झा ने बताया कि ग्रामीणो की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची जहां घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए रेस्क्यू कर सुरक्षित पकड़ा गया।
वही ग्रामीणों की माने तो इस तरह के जंतु पहली बार देखने को मिला है जिसे देखने के लिए आसपास के गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे बताया जा रहा है कि ग्रामीण की अचानक नजर पड़ने पर वह चीज पुकार मचाते हुए घर के बाहर बस्ती गली में निकला और इसकी सूचना लोगों को दी।
