कबीरधाम। आज शनिवार को कबीरधाम पुलिस ने 8 साल पहले 2027 में कवर्धा शहर में हुए डॉक्टर दंपति हत्या मामले का खुलासा किया है। हत्याकांड का आरोपी डॉक्टर का वाहन चालक है। इस मामले को लेकर आज दोपहर एक बजे एसपी कार्यालय कवर्धा में प्रेस कांफ्रेंस किया गया। कबीरधाम एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि 6 अप्रैल 2017 को कवर्धा शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ.गणेश सूर्यवंशी व उनकी पत्नी डॉ. उषा सूर्यवंशी का शव उनके निवास के आंगन में रक्तरंजित अवस्था में मिला था।
प्रारंभिक जांच में यह दोहरा हत्याकांड प्रतीत हुआ, लेकिन किसी ठोस सुराग के अभाव में मामला अंधकार में चला गया। पुनः विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी सत्यप्रकाश साहू, पूर्व में डॉक्टर दंपति का ड्राइवर रह चुका था और उसने डॉक्टर को लगभग 1.80 लाख रुपए उधार दिए थे। कुछ दिन पूर्व ही थाना कवर्धा में एक व्यक्ति द्वारा उसके विरुद्ध ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिससे वह पुलिस पूछताछ के डर से गंडई भाग गया था। पैसों की तंगी से जूझता आरोपी गंडई से कवर्धा लौटा और डॉक्टर से उधार की राशि मांगने गया।
उसी दौरान वह उनके घरेलू झगड़े का साक्षी बन गया,जो कि पूर्व में भी कई बार पड़ोसियों द्वारा देखी-सुनी गई थी। बयान के अनुसार, विवाद इतना बढ़ा कि डॉक्टर ने दरवाजा रोकने वाले भारी पत्थर से अपनी पत्नी के सिर पर वार कर दिया। पत्नी ने जवाबी हमले में छोटे पत्थर से डॉक्टर पर प्रहार किया। घायल पत्नी जब जमीन पर गिरी, तो डॉक्टर ने फिर से वार कर उसकी हत्या कर दी। यह सब देखकर सत्यप्रकाश घबरा गया। उसे डर हुआ कि डॉक्टर उसे भी मार सकता है। इसी भयवश उसने डॉक्टर को धक्का देकर गिराया और फिर पत्थर से वार कर उसकी भी हत्या कर दी।
हत्या के बाद फरार हो गया था
पुलिस ने बताया कि हत्या के पश्चात आरोपी ने कमरे में फैले खून के धब्बे साफ किए। शव को आंगन तक खींचकर रखा और रातभर प्रतीक्षा करता रहा। सुबह लगभग 5 बजे वह जेवड़न रोड की ओर से निकलकर बस से दुर्ग चला गया। जाते समय डॉक्टर का एक मोबाइल अपने साथ ले गया, जिसे गंडई में 1900 रुपए में गिरवी रखा। 5 अप्रैल को वह पुनः कवर्धा लौटा और डॉक्टर के घर के बाहर जाकर देखा कि अभी भी घटना के बारे में किसी को पता नहीं चला है। 6 अप्रैल को जब पुलिस को घटना की जानकारी मिली,तब भी आरोपी मौके पर पहुंचा था और भीड़ में शामिल होकर परिस्थिति का जायजा ले रहा था।
आरोपी ने जुर्म स्वीकार किया
कबीरधाम पुलिस द्वारा पुनः वैज्ञानिक आधार पर साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर संदेश के रूप में सत्यप्रकाश का नाम सामने आया। इसी के आधार पर 14 घंटे की गहन मनोवैज्ञानिक पूछताछ की गई।आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। यह प्रकरण जिले का सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण दोहरा हत्याकांड था,जिसे कबीरधाम पुलिस ने तकनीकी दक्षता, वैज्ञानिक विवेचना एवं मानसिक धैर्य से सुलझाया।
इनाम की हुई थी घोषणा
मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण सुराग देने अथवा आरोपी की गिरफ्तारी में सहयोग के लिए आईजी अभिषेक शांडिल्य द्वारा 30 हजार रुपए व एसपी धर्मेन्द्र सिंह द्वारा 10 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की गई थी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कबीरधाम पुलिस द्वारा लगभग 10 से अधिक वर्ष पुराने अंधे हत्याकांडों का सफल खुलासा किया गया है। यह जिले की सतर्कता, विवेचना में पारंगता और जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
