कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम बनधवाभाठा में 75 वर्षीय सिहारिन बाई पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 75 वर्षीय सिहारीन बाई और उसका बेटा सुरेश यादव दोनों गांव से लगे खेत में काम करने के लिए गए हुए थे इस दौरान उसकी मन लग खेत में काम कर रही थी वही उसका बेटा दूसरे खेत में काम कर रहा था अचानक से उसकी मां की चिल्लाने की आवाज आई और वह दौड़ते हुए जाकर देखा तो मधुमक्खियां के झुंड ने उस पर हमला कर दिया और वह खेत में गिरी हुई थी किसी तरह वह अपने माँ को कंधे में लेकर दौड़ते हुए घर पहुंचा जहां मधुमक्खियां ने उसे भी काटा और गांव तक मधुमक्खी का झुंड आ गया। उसे तत्काल निजी वाहन की सहायता से जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया।
मृतक के दमाद संत राम ने बताया कि मधुमक्खियों के हमले से मौत के कारण है मधुमक्खियों का झुंड एक साथ हमला करना एक या दो मधुमक्खी के काटने से आमतौर पर मौत नहीं होती। जिस खेत के पास काम कर रहे थे वहां पेड़ के ऊपर मधुमक्खियां का झूठ था जिसके चलते यह घटना सामने आई है।
जिला मेडिकल कॉलेज में पदस्थ डॉक्टर आदित्य सिसोदिया ने बताया कि मधुमक्खी के डंक से शरीर में हाइपरसेंसिटिव रिएक्शन हो सकता है, काटने के बाद एक विशेष रसायन मधुमक्खी के द्वारा छोड़ा जाता है जिससे सांस लेने में तकलीफ, सूजन और यहां तक कि मौत भी हो सकती है।
अगर किसी को ज्यादा मधुमक्खियों ने काटा है, तो तुरंत उनकी सांस और ऑक्सीजन सेचुरेशन चेक करें। एस्टरॉयड देना और वेंटिलेटर की सुविधा वाले नजदीकी अस्पताल ले जाना जरूरी है। मां को कांधे पर उठाकर गांव और फिर जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
27
