कोरबा। कटघोरा वन मंडल में घूम रहे हाथियों में से एक बच्चे का शव कोरबी के पास हसदेव नदी किनारे झाड़ी में फंसा हुआ मिला है।
नदी को पार करते समय हाथी के बच्चे की बहने की संभावना जताई जा रही है। बच्चे की उम्र करीब एक सप्ताह है और शव को दो दिन पुराना माना जा रहा है। पसान रेंज के पनगंवा में 54 हाथी घूम रहे हैं। झुंड में बच्चे भी हैं। हाथी हसदेव नदी को पारकर दूसरे क्षेत्र जाते हैं, लेकिन हाथी के बच्चे का शव केंदई रेंज के ओड़ार बहरा के पास बरामद किया है। बताया जा रहा है कि नदी में बहकर शव यहां आया है। हाथी यहां लंबे समय तक रुकते हैं। इस वजह से ग्रामीणों में दहशत है।
ग्रामीणों की मान्यता काफी लंबे समय से हाथी का झुंड इस क्षेत्र में विचरण कर रहा है जहां ग्रामीणों के फसलों को भी बर्बाद कर रहा है इसके अलावा लोगों में दहशत भी बना हुआ है ऐसे में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है कई बार इस क्षेत्र में मकान को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
हसदेव नदी में जलस्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है जिसके चलते हाथी का बच्चा बह जाने की आशंका जताई जा रही है। हाथियों का झुंड आसपास ही विचरण कर रहा है। जो कभी भी वापस आ सकता है।
रेंजर अभिषेक दुबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हसदेव नदी के बहाव के साथ बहकर शव के आने की संभावना है। उसकी मौत कैसे हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा। जांच में नदी पार करते समय पानी में बहने से होना माना जा रहा है। एक सप्ताह पहले ही सखोदा में हथिनी ने बच्चों को जन्म दिया था। इसके बाद 27 हाथियों का झुंड आगे बढ़ गया था।
वहीं आसपास गांव में मुनादी भी कराई जा रही है और ग्रामीणों को जंगल जाने से रोका जा रहा है।
