किराए में लिया ट्रेलर, डाला बिलासपुर में बेचा, इंजन को भी खपाने का किया प्रयास, शिकायत के बाद हुआ एफआईआर

by Kakajee News

रायगढ़। रायगढ़ जिले में ट्रेलर किराए में ले जाकर डाला बेचने और इंजन को भी बेचने ग्राहक तलाशने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस दो लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए मामले को जांच में ले लिया हम उक्त घटना घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार श्रीमती मीना चौहान निवासी कंचनपुर ने घरघोड़ा थाने में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि पुराना ट्रेलर क्रमांक 13 एल.ए.- 4176 को करीब 2 साल पहले उसने 16 लाख में रायगढ़ निवासी अखबर खान से खरीदा था। उक्त वाहन का 4.5 लाख जमा करके रकम को टाटा फाइनेंस से फाइनेंस कराया है। जिसका प्रतिमाह 46650 रुपए किस्त जमा किया जाता है।
पीड़िता ने बताया कि वाहन का कागजात फेल हो जाने के कारण उक्त ट्रेलर होटल के पास खड़ा था। इस दौरान लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम बैसकीमुडा का रहने वाला परमेश्वर चौहान जो कि ट्रांसपोर्ट कंपनियों में सुपरवाईजरी का काम करता था। परमेश्वर चौहान ने जनवरी माह में बोला कि वाहन का कागजात को मैं व्यय कर बनवाऊंगा और हर महीना 85 हजार किराया दूंगा।

20 जनवरी को ले गया ट्रेलर
पीड़िता ने बताया कि उसने परमेश्वर चौहान की बातों में भरोसा करने के बाद अपने बच्चों से चर्चा की , इस बीच सभी राजी हो गए। वाहन को कुछ दिन चला कर देखने और बाद में लिखा पढ़ी करने की बात कहते हुए 20 जनवरी को परमेश्वर ट्रेलर को किराए पर ले गया। पीड़िता ने बताया कि परमेश्वर चौहान के द्वारा ट्रेलर ले जाने के बाद अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। काफी पतासाजी करने के बावजूद उसका पता नहीं चल रहा था।

बिलासपुर के पास बेच दिया डाला
ट्रेलर में लगे जीपीएस सिस्टम से ट्रेलर का लोकेशन पता कर जब वे लोग 5 फरवरी को मौके पर पहुंचे तो वहां ट्रेलर का इंजन बिना डाला के मिला। इस दौरान ट्रेलर चालक लीलाम्बर प्रसाद ने पूछताछ करने पर उसने बताया कि परमेश्वर चौहान के साथ एक राय होकर उन्होंने ट्रेलर के डाले को 22 जनवरी को बिलासपुर के पास बेचने और ट्रेलर के इंजन को बेचने ग्राहक तलाशने की बात कही गई। इस परमेश्वर चौहान और लीलाम्बर प्रसाद ने अमानत में खयानत की घटना को अंजाम दिया है।

थाने में हुआ अपराध दर्ज
बहरहाल पीड़िता की शिकायत के बाद घरघोड़ा पुलिस परमेश्वर चौहान और लीलाम्बर प्रसाद चौहान के खिलाफ धारा 3(5), 316(2), 316(3), 318(4)-BNS के तहत अपराध दर्ज करते हुए पूरे मामले को जांच में लिया है।

Related Posts

Leave a Comment