वीडियो वायरल होते हुए मचा हडकंप, जांच टीम पहुंची आदिवासी कन्या छात्रावास, बंद कमरे में चल रही जांच, छात्रों को चुप रहने दी गई हिदायत

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा में स्थित प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में हास्टल छात्राओं से पोताई कराने जाने का वीडियो वायरल होते हुए हडकंप मच गया है। जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए इस मामले में टीम गठित करके जांच शुरू कर दी है।
रायगढ जिले में लैलूंगा में स्थित प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं से हॉस्टल में पुताई कराए जाने का वीडियो कल सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ है। वीडियो वायरल होते हुए अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम का गठन किया गया, जो आज सुबह से ही मौके पर पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि जांच टीम का नेतृत्व लैलूंगा के सहायक प्रभारी अधिकारी धर्मेंद्र कर रहे हैं। उनके साथ जांच टीम में आधा दर्जन से अधिक सदस्य भी जांच में शामिल हैं। जांच टीम प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास पहुंचकर एक-एक छात्राओं का बयान दर्ज कर रही है, ताकि इस मामले में जो भी दोषी हो उस पर कडी कार्रवाई की जा सके।

मामले को निपटाने के लिये लिया गया चिकन का सहारा
एक जानकारी के अनुसार छात्रावास में जांच टीम के आने से पहले छात्रावास के कुछ जिम्मेदार पदाधिकारियों द्वारा बच्चांें को अपनी जुबान बंद रखने के लिये बकायदा चिकन पार्टी दी गई और यह भी कहा गया कि किसी भी तरह की जानकारी अगर दी जाती है तो उनका बक्शा नही जाएगा। यही कारण है जांच टीम जब पहुंची तब नन्हें बच्चों ने रात में खाये चिकन का फर्ज निभाते हुए पूरे मामले का रूख ही लगभग पलट दिया है।

वार्डन को बचाने की तैयारी
बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होते हुए जांच होनें से पहले ही छात्रावास की वार्डन को क्लीन चिट देने की तैयारी की जा रही है। इतना ही नहीं, जिला मुख्यालय से मौके पर पहुंचे पत्रकारों को भी बाहर कर दिया गया। बंद कमरे में जांच की जा रही है। इतना ही नही छात्राओं को भी चुप रहने की हिदायत दी है, जिससे लगता है कि कुल मिलाकर वार्डन को बचाने पूरी तैयारी की जा चुकी है।

कर्मचारियों पर गाज गिराने की तैयारी!
प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं का पोताई करने वाला वीडियो वायरल होते के बाद जांच टीम छात्रावास पहुंची जरूर है, लेकिन इस मामले को दबाने पूरी तरह तैयारी की जा चुकी है और दोषी को बचाते हुए छोटे कर्मचारियों को बचाने पूरी तरह कोशिश की जा रही है।

जांच टीम पर आम जन की निगाहे
वीडियो वायरल होते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल जांच टीम गठित कर एक टीम को जांच के लिये छात्रावास रवाना कर दिया गया है, जो मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। इसको लेकर सभी की निगाहे अब जांच टीम पर टिकी हुई है कि आखिरकार छात्राओं से जबरन पोताई कराने वाले दोषी पर क्या कार्रवाई होती है।

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Author: kakajee

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