पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहा ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है। पूरा क्षेत्र तनाव की चपेट में है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का युद्ध को लेकर सख्त रवैया और खाड़ी देशों में बढ़ता संघर्ष, वैश्विक राजनीति के लिया बड़ा संकट साबित होता दिख रहा है। भारत ने कहा है कि तेजी से बदलती परिस्थितियों पर सरकार की पैनी नजर है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस्राइल ने तड़के दक्षिणी लेबनान और बेरूत पर फिर से हमला किया, जिसमें 12 और लोगों की मौत हो गई। इस्राइली अधिकारियों ने कहा कि ये हमले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स की लेबनानी शाखा के कमांडरों को निशाना बनाकर किए गए थे। इसी बीच, कुवैत में मिसाइलों और ड्रोन के हमले में दो सीमा रक्षक मारे गए।
अधिकारियों के अनुसार 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुए इस युद्ध में अब तक इस्लामिक गणराज्य में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 300 से अधिक लोग और इस्राइल में लगभग एक दर्जन लोग मारे जा चुके हैं।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपने हालिया बयानों पर उठे विवाद पर सफाई देते हुए कहा है कि उनके शब्दों को ‘दुश्मनों’ द्वारा गलत समझा गया है, जिनका उद्देश्य पड़ोसी देशों के साथ विभाजन पैदा करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। इसी के साथ उन्होंने साफ कहा कि ईरान देश की एक इंच जमीन भी किसी को नहीं लेने देगा।
