रायगढ़। जिले के छाल क्षेत्र से मजदूर हितों की रक्षा के नाम पर कथित अवैध वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि वाहन चालकों से सुरक्षा और नौकरी बचाने का भरोसा देकर हर महीने 700 रुपये वसूले जाते रहे, और रकम नहीं देने पर नौकरी से निकलवाने व संगठन से बाहर करने की धमकी दी जाती थी। अब पीड़ितों ने खुलकर शिकायत की है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम फगुरम थाना डभरा निवासी बाबूदास महंत, जो एसईसीएल छाल क्षेत्र अंतर्गत आर.के.एस. कंपनी में वाहन चालक के रूप में कार्यरत हैं, ने अपने साथियों के साथ थाना छाल में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि कुछ लोग “मजदूर एकता सेवा समिति संगठन” के नाम पर उनसे और अन्य वाहन चालकों से पिछले तीन-चार वर्षों से प्रति माह 700 रुपये की वसूली कर रहे थे।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि यह रकम कभी नगद तो कभी फोन-पे के जरिए ली जाती थी। वसूली करने वाले कथित रूप से सुरक्षा की गारंटी देते थे, लेकिन रकम नहीं देने पर नौकरी से निकलवाने और संगठन से बाहर करने की धमकी भी दी जाती थी।
पीड़ितों का कहना है कि वसूली गई रकम का उपयोग वाहन चालकों के हित या कल्याण के लिए नहीं किया गया, बल्कि उसे अपने पास ही रखा गया। मामले में अजय सिंह ठाकुर, बलिन्द्र सिंह, बोधन चौहान, रामकुमार जांगड़े, पुसपालदास महंत, संजय पटेल, देवेन्द्र कर्ष, चुरामणी राठिया, रितुराज सिंह, दुर्गा डनसेना, नरेन्द्र निषाद और घनश्याम डनसेना समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।
इस संबंध में पहले तहसीलदार छाल को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अब पुलिस की शरण ली गई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
