रायगढ़। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में उद्योग जगत से जुड़ा एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां सराईपाली स्थित Nav Durga Fuel Pvt Ltd के साथ करोड़ों रुपए की कथित ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है। कंपनी प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नवदुर्गा फ्यूल प्रालि में वर्ष 2004 से प्रबंधक के पद पर कार्यरत राकेश प्रकाश पाण्डेय ने थाना पूंजीपथरा में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि कंपनी द्वारा वर्ष 2024 में 100 KLPD क्षमता का ग्रेन बेस्ड एथेनॉल प्लांट स्थापित किया जा रहा था, जिसके लिए 75 हजार मीट्रिक टन क्षमता के ग्रेन स्टोरेज साइलो की आवश्यकता थी।
इसके लिए कंपनी ने Ben and Gaws Pvt Ltd से संपर्क किया। यह संपर्क कंपनी के कंसल्टेंट सुखराज सोनी के माध्यम से हुआ था। दोनों कंपनियों के बीच सहमति बनने के बाद 20 अप्रैल 2024 को करीब 3 करोड़ 50 लाख 46 हजार रुपये का क्रय आदेश जारी किया गया।
शिकायत के मुताबिक, नवदुर्गा फ्यूल ने अलग-अलग तारीखों में आरटीजीएस के माध्यम से कुल 2 करोड़ 17 लाख 55 हजार 265 रुपये का भुगतान विक्रेता कंपनी को कर दिया। इसके एवज में केवल 68 लाख 90 हजार 400 रुपये की सामग्री भेजी गई, जबकि शेष सामग्री भेजने के नाम पर कंपनी को कथित रूप से फर्जी इनवॉइस और फर्जी डिस्पैच दस्तावेज दिए गए।
आरोप है कि द्विपायन दत्ता बार-बार माल भेजने का आश्वासन देता रहा, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी शेष सामग्री नहीं पहुंची। जब कंपनी प्रतिनिधियों ने हरियाणा स्थित कार्यालय पहुंचकर दबाव बनाया तो आरोपी पक्ष ने लगभग 1 करोड़ 48 लाख 44 हजार 160 रुपये का चेक दिया।
लेकिन जब उक्त चेक बैंक में प्रस्तुत किया गया, तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण वह बाउंस हो गया। इसके बाद कंपनी को अपने साथ बड़े स्तर पर ठगी होने का अहसास हुआ।
पूंजीपथरा पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। अब पुलिस पूरे वित्तीय लेन-देन, फर्जी दस्तावेजों और आरोपी कंपनी की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है।
यह मामला रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां करोड़ों के निवेश के बीच इस तरह की धोखाधड़ी ने उद्योगपतियों और व्यापारिक जगत की चिंता बढ़ा दी है।
