रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत आज से हो रही है। 17 जुलाई तक चलने वाले इस चार दिवसीय सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव की संभावना है। विपक्षी कांग्रेस ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है और 14 जुलाई को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है।
कांग्रेस बिजली संकट, महंगाई, ‘नकटी’ गांव से जुड़े मुद्दे और अन्य जनहित के सवालों को लेकर सरकार पर हमला बोलेगी। ‘नकटी’ मामले में कांग्रेस स्थगन प्रस्ताव भी लाएगी, जिससे सदन में हंगामे के आसार हैं।
सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले सुबह 10 बजे कार्यमंत्रणा समिति की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेंगे। सत्र समाप्त होने के बाद शाम 5:30 बजे मुख्यमंत्री विधानसभा से मुख्यमंत्री निवास के लिए रवाना होंगे।
इस मानसून सत्र में कुल 8 विधेयक पेश किए जाएंगे, जबकि विधायकों ने 1033 प्रश्न लगाए हैं। ‘नकटी’ गांव सहित कई अहम जनहित और विकास से जुड़े मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
वहीं, राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर भी राजनीतिक माहौल गर्म है। कांग्रेस ने इस मामले को राष्ट्रीय मुद्दा बनाते हुए छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन का ऐलान किया है। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह मानसून सत्र राज्य की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का केंद्र बनने की संभावना है, क्योंकि सदन के भीतर और बाहर विपक्ष सरकार को कई संवेदनशील मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।
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