दपूमरे, नागपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रेल सुरक्षा बल ने ऑपरेशन ‘यात्री सुरक्षा’ के तहत यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए लगभग 4.50 लाख मूल्य के स्वर्ण आभूषण चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जीआरपी रायपुर के सुपुर्द किया है।
मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेल सुरक्षा बल, नागपुर के मार्गदर्शन में रेल सुरक्षा बल, नागपुर मंडल द्वारा यह कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि 19 जुलाई 2026 को गाड़ी संख्या 20844 भगत की कोठी एक्सप्रेस के ए-2 कोच में यात्रा के दौरान लगभग 4.50 लाख मूल्य के स्वर्ण आभूषण चोरी होने की घटना हुई थी। इस संबंध में जीआरपी रायपुर में धारा 305(सी) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्ट प्रभारी गोंदिया के नेतृत्व में नागपुर मंडल की टास्क टीम तथा रायपुर मंडल की संयुक्त टीम द्वारा लगातार जांच एवं खोजबीन की गई। जांच के दौरान संबंधित कोच सहित गोंदिया, राजनांदगांव एवं डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों एवं सतत निगरानी के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनकी तलाश की गई।
इसी क्रम में 26 जुलाई 2026 को डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) में संदिग्ध आरोपी नवीन पटेल, निवासी डोंगरगढ़, को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसकी निशानदेही पर दूसरे संदिग्ध आरोपी नितिन पटेल, निवासी डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़), की पहचान की गई, जिसका हुलिया सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्ध से मेल खाता था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके पश्चात दोनों को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई हेतु जीआरपी रायपुर के सुपुर्द कर दिया गया, जहां उन्हें पूर्व में दर्ज प्रकरण में संलग्न कर आगे की जांच की जा रही है।
रेल सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा एवं रेलवे परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए निरंतर सतर्क एवं प्रतिबद्ध है। आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी सर्विलांस, खुफिया निगरानी एवं सतत अभियान के माध्यम से अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
रेल सुरक्षा बल ने आम नागरिकों एवं रेल यात्रियों से अपील की है कि यदि किसी भी अपराध से संबंधित कोई जानकारी, फोटो, वीडियो अथवा अन्य साक्ष्य उपलब्ध हों तो उन्हें जांच एजेंसी अथवा रेल सुरक्षा बल के साथ साझा करें। जनसहयोग से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
