अनुमती मिली नही सजावट पूरी होनें के बाद अब प्रचार-प्रसार शुरू, ना प्रशासन ना निगम सभी खामोश

by Kakajee News

रायगढ़। रायगढ़ शहर के सावित्री नगर व ट्रांसपोर्ट नगर में लग रहे मीना बाजार मामले में अभी तक कोई भी प्रशासनिक अनुमती नही मिलन के बावजूद दोनो मीना बाजार सज धजकर तैयार है बल्कि इनमें से एक मीना बाजार संचालक ने तो प्रशासनिक अधिकारियों का मजाक उड़ाते हुए बकायदा अपना प्रचार-प्रसार भी सोशल मीडिया में शुरू कर दिया है। मजे की बात यह है कि सावित्री नगर हो या ट्रांसपोर्ट नगर के संचालकों को विधिवत अनुमती तो दूर विद्युत कनेक्शन तक नही मिला, बावजूद इसके इस स्थल पर बिजली का उपयोग हो रहा है, साथ ही साथ धड़ल्ले से बाकी का काम भी पूरा हो रहा है और इसमें माला-माल जमीन को किराया देने वाले वे जमीन मालिक है जिनमें से एक की जमीन तो गलत ढंग से प्लाट काटने के मामले में सुर्खियों में आ चुकी है और दूसरी जमीन सिंचित जमीन है और वहां मीना बाजार लग चुका है।
यूं तो रायगढ़ जन्माष्टमी मेले की पहचान मीना बाजार के बिन अधुरी है, लेकिन बीते कुछ सालों से मीना बाजार संचालकों की अपनी राजनीति के कारण ना केवल मीना बाजार सज जाता है बल्कि अनुमती मिलने से पहले इनकी गतिविधियां भी धड़ल्ले से शुरू हो जाती है और इस बार भी ऐसा ही कुछ हुआ। बताया जा रहा है कि सावित्री नगर व ट्रांसपोर्ट नगर में लगने वाले मीना बाजार संचालक पुराने है और इन्हें रायगढ़ के उन लोगों की बैठक मालूम है कि किससे क्या सेटिंग है और क्या करनी है और इसी का नतीजा है कि इनकों संरक्षण देने वाले लोग बकायदा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ निगम आयुक्त को ठेंगा दिखाते हुए बिना अनुमती पूरा साजो सामान लेकर अपने स्थल पर डेरा डालते हैं और वहां पुरे लाव लश्कर के साथ मीना बाजार लगा भी लेते हैं। बताया यह जाता है कि हर बार अनुमती लेने के नाम पर लंबा लेन देन अलग-अलग ढंग से होता है और इस बार भी कुछ लोगों की जेब भर दी गई है लेकिन अनुमती अभी तक नही मिली है। बावजूद इसके मीना बाजार सजने के बावजूद ना तो निगम हरकत में आ रहा है और ना ही प्रशासनिक अधिकारी
मीना बाजार के संचालकों व कारीगरों की आमद दर्ज हुई
हाल ही में रायगढ़ जिला कलेक्टर मयंक चर्तुेवदी ने जिले में किराये पर रहने वाले लोगों को अपनी पहचान बताते हुए बकायदा संबंधित थाने को जानकारी देने के आदेश पारित किये थे और इसके बाद बकायदा जिले के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने भी कई मोहल्लों में रहने वाले लोगों की आईडेंटी जांच भी की थी पर सवाल इस बात का है कि इस आदेश के बाद दो महीनों से रायगढ़ जिला मुख्यालय में जमे मीना बाजार संचालकों और उनके सहयोगियों की आईडेंटी के साथ-साथ संबंधित थाने में आमद या कोई दस्तावेज संबंधी कार्रवाई पूरी की गई! अधिकारिक सूत्र बताते हैं कि अभी तक जूटमिल थानेदार ने इस संबंध में कोई पहल की और ना ही प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई जांच की। बताया जा रहा है कि मीना बाजार की आड में ऐसे असामाजिक तत्व एंट्री करते हैं जिनकी अपराध की लिस्ट लंबी है।

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