रायगढ़. आबकारी विभाग इन दिनों एक अभियान के जरिए अवैध शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब की बिक्री की शिकायत मिलने पर टीम छापामार कार्रवाई करते हुए मामले भी दर्ज करती है लेकिन अभी तक इस छापामार टीम के साथ कोई भी ऐसा बड़ा मामला पकड़ में नही आया है जिससे इनकी ईमानदार कार्रवाई की तरफ संकेत दे। बताया यह भी जाता है कि अपनी सेटिंग को बरकरार रखने के लिए छोटे -मोटे मामले बनाकर आबकारी विभाग सिर्फ कार्रवाई की खानापूर्ति कर रहा है जबकि अभी भी जिले में उनकी ही दुकानों से बिकने वाली शराब से सेल्समेन से लेकर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी मालामाल हैं और छोटे मोटे शराब कोचियों पर गाज गिर जाती है।
अधिकारिक सूत्रों से बताया कि कल ही ऐसा मामला सामने आया जब जिले की सहायक आबकारी आयुक्त मंजूश्री कसेर के साथ आबकारी सब इंस्पेक्टर राकेश राठौर ने मिलकर छाल स्थित शराब भट्ठी में छापामार कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर गडबड़ी पकड़ी है और इसमें यह बात भी सामने आई है कि कैसे इस दुकान से अवैध शराब बिक्री करने वालों को शराब की सप्लाई की जाती थी और प्रतिदिन इस दुकान से शराब तस्करी करने वालों से दो लाख रूपए से भी अधिक की आय संबंधित सेल्समेन और उसके साथी कर रहे थे। सूत्रों ने बताया कि ब्रजेश शर्मा जो कि वहां का मुख्य संचालक है उसकी देखरेख में छाल व आसपास के इलाकों में लंबे समय से अवैध शराब की बिक्री कराई जाती थी। ब्रजेश शर्मा ने अपना जाल इस कदर बिछा रखा था कि वहां की दुकान से कोचियों को बड़े आराम से भारी मात्रा में शराब उपलब्ध कराई जाती थी जिसमें बड़ा कमीशन ब्रजेश शर्मा को मिलता था और इसी बात की शिकायत पर आबकारी आयुक्त मंजुश्री कसेर के नेतृत्व में यह छापामार कार्रवाई की गई थी।
जानकार सूत्र बताते हैं कि आबकारी विभाग की टीम को दुकान से कई दस्तावेजों के साथ-साथ अन्य सबूत भी मिले हैं जिससे यह बात साफ हो जाती है कि छाल की शराब दुकान से बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बिक्री को बढ़ावा दिया जाता था, लेकिन इस छापामार कार्रवाई में ब्रजेश शर्मा को बचाने के लिए उच्च स्तरीय प्रयास भी शुरू हो गए हैं चूंकि वहां से होने वाली अवैध शराब की आय का कमीशन बड़े अधिकारियों को भी जाता और इसलिए इस छापामार कार्रवाई को दबाने के लिए पूरा जोर लगा दिया गया है। बहरहाल देखना यह है कि सरकारी शराब दुकान में हुई छापामार कार्रवाई के बाद यह टीम कौन से खुलासे करके अपनी कार्रवाई के बारे में जानकारी देती है।
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