जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने अहिरन-खारंग लिंक परियोजना और छपराटोला फीडर जलाशय का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने कहा है। अहिरन लिंक योजना से बिलासपुर और रतनपुर शहर को पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसका निर्माण सीआईडीसी करेगा। सीआईडीसी बोर्ड की बैठक में योजना की प्रशासकीय स्वीकृति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, राजस्व विभाग की सचिव रीता शांडिल्य, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के चेयरमैन अंकित आनंद, सीआईडीसी के एमडी अनिल राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। चौबे ने कहा कि बिलासपुर शहर और रतनपुर की पेयजल की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन के तहत जल के परिवहन, ट्रीटमेंट और वितरण के लिए आवश्यक अधोसंरचना व ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने इस मौके पर रेहर अटेम लिंक परियोजना की स्थिति के बारे में भी सीआईडीसी और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली।
बैठक में बताया गया कि रेहर अटेम परियोजना के सर्वेक्षण का कार्य शीघ्र शुरू होगा। बैठक में वित्त विभाग के अधिकारियों को प्रशासकीय स्वीकृति के लिए भिजवाने के निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि राज्य की उक्त तीनों परियोजनाओं पर करीब 2000 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कटघोरा के ग्राम पोड़ी गोसाई के समीप अहिरन नदी पर बांध बनाकर वहां संग्रहित जल को पाइपलाइन के जरिए खारंग जलाशय में लाया जाएगा।
खारंग जलाशय से नगर पालिक निगम बिलासपुर को 31 मिलियन घन मीटर और रतनपुर शहर को 1.11 घन मीटर जल की आपूर्ति पेयजल के लिए की जाएगी। इसी तरह रेहर-अटेम लिंक परियोजना सूरजपुर जिले के डेडरी ग्राम के समीप रेहर बैराज निर्माणाधीन है, जहां से पानी चैनल के माध्यम से ग्राम परसापाली के समीप बिछली नाला में छोड़कर झिंक नदी से जोड़ना प्रस्तावित है।
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