रायगढ़। बड़े रामपुर स्थित दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल रायगढ़ शिक्षा में अपने नवाचारों तथा संवेदनशील गतिविधियों के कारण हमेशा ही चर्चा का केंद्र बना रहता है, इसी तारतम्य में विद्यार्थियों में ऊर्जा और पर्यावरण में सीधा संबंध समझाने तथा कैसे हम अपनी छोटी छोटी गतिविधियों से एक बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं इस दृष्टिकोण के साथ गत 20 दिनों से एव्री डे,अर्थ डे कैम्पेन चलाया जा रहा था, जिसमें विद्यालय के लगभग सभी छात्र छात्राएं सम्मिलित हुए।
3 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान में सभी विद्यार्थियों से 22 अप्रैल अर्थ डे तक प्रतिदिन सायं 7 बजे केवल 2 मिनट के लिए अपने घर के सभी विधुतीय उपकरणों जैसे बल्ब, पंखे, ऐसी, कूलर इत्यादि को बंद करने का आग्रह किया गया तथा ऐसा करते हुए अपना वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने को कहा गया। लगभग सभी विद्यार्थियों ने प्रतिदिन अपने उपकरणों को न सिर्फ स्वयं बंद किया अपितु सोशल मीडिया के माध्यम अपने मित्रों, और जान पहचान के लोगों को भी प्रेरित किया। इस गतिविधि में न केवल विद्यार्थी अपितु शिक्षकों ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई तथा विद्यार्थियों का साथ दिया। अभियान के अंत में सभी विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से बंद किये गए उपकरणों में खर्च होने वाले ऊर्जा के आधार पर पर्यावरण को हुए लाभ तथा कार्बन फुटप्रिंट आदि वैज्ञानिक मानकों की गणना विज्ञान के शिक्षक प्रीतम कुमार पंडा तथा गणित के शिक्षक अनुराग रंजन गुप्ता द्वारा बच्चों को बताई गई।
एक पखवाड़े तक चले इस अभियान में सबसे अधिक लोगों को प्रेरित करने, पूरे 15 दिन गतिविधि को जारी रखने के आधार पर प्रोत्साहन स्वरूप कक्षा केजी की छात्रा आदया पणिकर ने प्रथम, कक्षा छठवीं के छात्र कृतार्थ पाण्डेय एवं आठवीं की छात्रा लाक्या साहू संयुक्त रूप से द्वितीय तथा कक्षा 2 की सान्वी ठाकुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विद्यालय प्राचार्या कैप्टन श्वेता सिंह ने बताया कि दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण पद्धति के साथ साथ विद्यार्थियों के नैतिक गुणों के विकास पर विशेष ध्यान रखता है, इस छोटी सी किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधि के माध्यम से हमने बच्चों को विभिन्न उपकरणों में लगने वाले विद्युत ऊर्जा की खपत एवं केवल 2 मिनट प्रतिदिन की बचत से हम कार्बन उत्सर्जन को कम करने में कितना बड़ा योगदान दे सकते हैं यह समझाने का प्रयास किया।
इस अभियान के माध्यम से बच्चों ने न केवल ऊर्जा के महत्व को समझा अपितु उसकी बचत से हम किस प्रकार पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देते हैं यह ज्ञान भी प्राप्त किया।
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