बलविंदर सिंह स्याल का निधन, फौजी पिता समेत परिवार ने दी अश्रूपूरित विदाई, गमगीन परिवार और दोस्तों के साथ पूरा मोहल्ला भी हुआ अंतिम यात्रा में शामिल

by Kakajee News

रायगढ़। शहर के रामनिवास टॉकिज के निकट रहने वाले संभ्रांत परिवार के बहुत ही मिलनसार व्यक्तित्व बलविंदर सिंह लंबी बीमारी के बाद रविवार को संसार से चल बसे। वे अपने पीछे एक भरा पूरा परिवार और उन्हें जानने वालों की एक लंबी फेहरिस्त छोड़ गए।

स्वर्गीय बलविंदर सिंह स्याल उर्फ काकू के 85 वर्षीय पिता जसपाल सिंह स्याल एक रिटायर्ड फौजी हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि आज तक उन्हें उनके परिवार या किसी और ने रोते हुए नहीं देखा। मगर अपने पुत्र को केवल 54 साल की आयु में असमय जाता देख उनकी भी आंखों से आंसू गिर रहे थे। फौजी पिता के साथ ही बलविंदर सिंह के पुत्र सिमरदीप स्याल और राजदीप स्याल एवं उनकी जीवनसंगिनी को रोता बिलखता देख हर कोई दु:खी और मौन था। इस दौरान बलविंदर के बड़े भाई अनूप सिंह स्याल और उनके अन्य सभी परिजनों के साथ ही बलविंदर सिंह के सहपाठी, दोस्त शहर के प्रतिष्ठित नागरिक भी उनके पार्थिव शरीर को घेरे खड़े रहे। शायद इसी को उम्मीद कहा जाता है। लेकिन विधि के विधान के आगे किसकी चली है? आखिर कार दोपहर 1 बजे उनकी अंतिम यात्रा मुक्ति धाम पहुंची जहां उनका अंतिम संस्कार पूरा किया गया। बलविंदर सिंह के बड़े पुत्र सिमरदीप स्याल ने उन्हें मुखाग्नि दी। असल में मिलनसार और अपने पिता की तरह हिम्मती बलविंदर सिंह उर्फ काकू काफी लंबे समय से अस्वस्थ थे। उनकी किडनी में समस्या थी, जिसके इलाज के दौरान वे मुस्कुराते हुए अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे थे। लेकिन रविवार के एकदम सुबह करीबन 3 बजे उन्होंने जिंदगी को अलविदा कह दिया। उनके परिजनों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए 1 सितंबर से श्री अखंड पाठ साहेब का कार्यक्रम रखना तय किया है, जो कि 3 सितंबर तक अनवरत चलेगा। श्री अखंड पाठ कोरोना नियमों के साथ उनके घर पर ही की जाएगी। वहीं 3 सितंबर के दिन गुरूद्वारा गुरू सिंघ सभा में दोपहर 1 बजे अरदास भी की जाएगी।

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