कोरोना संक्रमण के कारण लोगों को कई अन्य तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो रही हैं। इसमें भूलने की समस्या एक बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। डॉक्टरों की मानें तो पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन में युवा वर्ग इस बीमारी की चपेट में काफी अधिक आ रहे हैं। ऐसे युवाओं की संख्या 30-40 प्रतिशत बताई जा रही है।
एसएनएमएमसीएच की मनोचिकित्सक और मनोरोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ शिल्पी कहती हैं कि मेडिकल टर्म में इस बीमारी को ब्रेन फागिंग या ब्रेन क्लाउडिंग कहते हैं। इसमें लोगों को चीजें ठीक से याद नहीं रहती हैं। आमतौर पर यह अधिक उम्र के लोगों में होने वाली बीमारी है। यह बीमारी अब उन युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है, जो कोरोना संक्रमित हुए थे। युवाओं में होने वाले पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन के शिकार 100 युवाओं में इन समस्या से परेशान लोगों की संख्या 30-40 होती है। ज्यादातर लोग 25 साल से 45 साल के बीच के आ रहे हैं। डॉ शिल्पी ने यह भी बताया कि आम युवाओं में अभी इस तरह की समस्या नहीं आ रही। कभी-कभार कम उम्र के एक-दो मरीज आते हैं, जिन्हें भूलने की समस्या होती है।
दवाओं के साथ मेडिटेशन जरूरी
डॉ शिल्पी के अनुसार ऐसे मरीजों को दवाओं के साथ-साथ मेडिटेशन की जरूरत होती है ताकि उनकी एकाग्रता और चीजों को याद रखने की शक्ति को वापस लाया जा सके। इसके लिए मरीज की स्थिति के अनुसार उनका इलाज किया जाता है।
