रायगढ़. रायगढ़ जिले के लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले राईस मिलर लैलूंगा नगर पंचायत के एल्डरमेन मदन मित्तल व उनकी पत्नी अंजू मित्तल की हत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा के नेतृत्व में तीन दिन बाद मिली बड़ी सफलता के बाद भी लैलूंगा के पीड़ित परिवार के साथ साथ व्यापारीगणों के द्वारा इस पर बार बार सवाल उठाना समझ से परे है। जानकार सूत्र बताते हैं कि इस जघन्य दोहरे हत्याकांड को लेकर घटना के दिनांक से ही अलग अलग थ्योरी के चलते पुलिस को मामले में उलझाकर रख दिया था और अब भी चार नाबालिग सहित एक बालिक पकड़े जाने के बाद भी पीड़ित परिवार के साथ कुछ लोग इस पर अलग अलग सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री तक पहुंच जा रहे हैं।
सवाल यह उठता है कि तीन दिन की कड़ी मेहनत के बाद जिन चार नाबालिगों को एक बालिग के साथ पकड़ा है वे सभी नशे के आदि हैं और उनके पकड़े जाने के पूरे सबूत पुलिस के पास मौजूद है। इतना ही नही सीसीटीवी फुटेज भी घटना दिनांक से लेकर पकड़े जाने तक जुटाए गए हैं। इन सभी सबूतों को नही मानना इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं इस दोहरे हत्याकांड को कोई उलझाकर पुलिस को गुमराह करने में लगा है। इतना ही नही राजनीति के चलते चक्काजाम और लैलूंगा बंद के साथ साथ जिला मुख्यालय में प्रदर्शन इस बात के संकेत है कि कहीं न कहीं कुछ समाज विशेष के लोग दोहरे हत्याकांड में फिर से नई उलझन पैदा कर रहे हैं। यहां यह बताना लाजमी होगा कि श्याम पेट्रोल पंप के पास एक सब्जी विक्रेता की हत्या भी चोरी के दौरान सिरफिरे युवक ने करके सेल्फी ली थी और यह मामला भी काफी उलझाया गया था।
जानकार सूत्र बताते हैं कि लैलूंगा में दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा और उनकी टीम एक एक कदम फूंक फूंक रख रही थी चूंकि इस दौरान हत्या से लेकर उसकी जांच तक अलग अलग सवाल खड़े हो रहे थे जिनको सुलझाने के लिए पुलिस की जांच कई बार अलग दिशा में चली गई थी। बड़ी सफलता के बाद जब चार नाबालिग सहित दो बालिगों का नाम इस हत्याकांड में शामिल होना पाया गया तब पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए बकायदा एक एक सबूत पत्रकारों तथा जनता के सामने रखे। इसके बाद भी लगातार इस हत्याकांड के थ्योरी पर सवाल उठाकर पुलिस की जांच पर संदेह किया जा रहा है जो जिले की जनता को नही पच रही है। ऐसा पहली बार हुआ था जब दोहरे हत्याकांड को लेकर उसी दिन आंदोलन तथा चक्काजाम करके इसमें राजनीति की जा रही थी। बहरहाल अब देखना यह है कि जब पुलिस ने हत्यारों को पकड़कर जेल भेज दिया है। साथ ही साथ अंतिम आरोपी की तलाश के लिए अलग टीमें लगी है और जल्द ही उन्हें सफलता मिलेगी।
पूरी जांच के बाद हत्यारों को पकड़ा गया
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा की मानें तो इस पूरे मामले में पुलिस की कई टीमें दोहरे हत्याकांड के बाद से अलग अलग एंगल में जांच कर रही थी और आसपास के सीसीटीवी कैमरे की तलाशी के साथ साथ घटना स्थल से मिले कई सबूतों के आधार पर जिन चार नाबालिगों के साथ साथ एक बालिग को गिरफ्तार किया है वे सभी नशे के आदि हैं और नशे में अपराध करने वाले अपराधी का उद्देश्य अलग ही तरह का होता है और ऐसे मामलों में पुलिस तत्परता के अलावा गंभीरता से जांच के बाद भी आगे बढ़ती है और इस दोहरे हत्याकांड में भी इस बात की पुष्टि होती है कि नशे के आदि नाबालिग बच्चों के साथ दो अन्य हत्यारों ने मिलकर जघन्य अपराध को अंजाम दिया था, एक आरोपी को छोड़कर पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है।
