गाजियाबाद के पटेल नगर के बुजुर्ग दंपती अशोक जैदका और मधु जैदका की हत्या में पुलिस को पड़ोस के तीन मजदूरों की तलाश है। ये शराब की दुकान (मॉडल शॅप) के ऊपर के कमरे में रहते हैं। दोहरे हत्याकांड के बाद से फरार हैं। इनके मोबाइल स्विच ऑफ हैं। पुलिस को इनके चेहरे दंपती के घर से मिले सीसीटीवी फुटेज में नजर आए हैं। इनकी तलाश में तीन टीमें रवाना की गई हैं। इनके मिलने पर खुलासा हो सकता है।
मजदूरों के बारे में पुलिस को पता चला है कि इनका दंपती के घर आना जाना था। शायद इसी वजह से मधु ने इनके लिए गेट खोल लिया वरना वह पहले पड़ताल करती थीं। मॉडल शॉप अशोक जैदका की बिल्डिंग में ही चल रही है। इसे उन्होंने किराए पर दे रखा है। मजदूरों को उन्होंने शरण दे रखी थी। उनसे किराया नहीं लेते थे। इसके बदले में मजदूर उनकी जरूरत का छोटा-मोटा काम कर देते थे।
माना जा रहा है कि या तो मजदूरों से दंपती का कोई विवाद हुआ जिसमें उन्होंने उनकी जान ले ली या फिर उन्हें सुपारी देकर किसी ने हत्या कराई। मजदूरों को ये भी डर था कि कोई पहचान न ले। इसलिए चेहरे पर गमछा डाल रखा था लेकिन फुटेज में कद-काठी और हुलिए से इनकी पहचान हो गई।
दंपती की हत्या दिवाली की रात हुई थी। मधु को घर के गेट पर मारा था। उनके पति की जान कमरे में ली थी। दोनों के सिर पर भारी वस्तु से प्रहार किया गया। सिर पर गहरी चोट के कारण पहले माना गया कि गोली मारी गई है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हो गया कि ऐसा नहीं है। भारी वस्तु से हत्या के कारण भी पुलिस का शक मजदूरों पर है।
शक के घेरे में आए एक मजदूर के बारे में पता चला कि दिवाली के दिन उसकी गतिविधियां संदिग्ध रहीं। वह रात आठ बजे खाना बनाता था, लेकिन उस रोज शाम छह बजे बना लिया। माना जा रहा है कि वह एक साथी और भतीजे के साथ हत्या करने गया। उसने सुबह से ही आसपास के लोगों से कहना शुरू कर दिया था कि उसे घर जाना है। हत्या के वक्त तक उसकी लोकेशन पटेल नगर की आई है। इसके आधा घंटा बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
