रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजना “रोका छेका” अभियान जिले में अब दम तोड़ते दिख रही है। सही समय पर मॉनिटरिंग और और देखभाल नहीं करने के कारण यह अभियान अब खटाई में पड़ गया है।
जिले में आए दिन सड़कों पर चाहे वह दिन हो या रात आवारा पशु अपना ठिकाना बनाए हुए हैं जिसके कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ गई है।जिला प्रशासन इस मामले में आंख मूंदकर बैठा हुआ है।
आंकड़ो की अगर बात करे तो जिले में 2021 में कुल 991 सड़क दुर्घटनाएं हुई जिनमें 368 लोग घायल हुए और 327 लोग इसमें अपनी जान गवा बैठे।
2022 के अप्रैल तक के आंकड़ों की बात करें तो जिले में 374 सड़क दुर्घटनाएं हुई जिनमें 380 लोग घायल हुए वही 96 लोगों की जान चली गई। इनमे सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं रतनपुर, सीपत, और कोटा थाना क्षेत्र में हुई है। हालांकि कलेक्टर सौरभ कुमार सड़क दुर्घटना रोकने गौठानो की व्यवस्था में परिवर्तन की बात कह रहे है।
