दुनियाभर में आज भी किसी बड़े जुर्म के लिए अपराधी को मौत की सजा दी जाती है. जिसके लिए उन्हें फांसी पर लटका दिया जाता है. या बिजली का करंट देकर मौत की नींद सुला दिया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंसान ही नहीं बल्कि एक जानवर को भी फांसी की सजा दी गई थी?
दरअसल, आज से करीब 106 साल पहले अमेरिका में एक हाथी को सरेआम फांसी पर लटका दिया गया था. यही नहीं हाथी की फांसी की सजा को अमेरिका में बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन किया था.
क्या था पूरा मामला?
बात 13 सितंबर 1916 है जब अमेरिका के टेनेसी राज्य में मैरी नाम के एक हाथी को फांसी पर लटका दिया गया. इस दौरान दो हजार लोग हाथी को फांसी के फंदे पर झूलता हुआ देखने को पहुंचे थे. हाथी को फांसी देने की सजा के पीछे बहुत अजीब कहानी है. बताया जाता है कि चार्ली स्पार्क नाम का एक शख्स टेनेसी में ‘स्पार्क्स वर्ल्ड फेमस शो’ नाम का एक सर्कस चलाता था. उस सर्कस में कई जानवर थे, जिसमें मैरी नाम का एक एशियाई हाथी भी शामिल था. उसका वजन करीब पांच टन था. बताया जाता है कि मैरी उस सर्कस का मुख्य आकर्षण था.
हाथी को काबू नहीं कर सका नया महावत
कहा जाता है कि एक दिन मैरी के महावत ने किसी वजह से सर्कस छोड़ दिया. उसके बाद सर्कस के मालिक ने एक दूसरे महावत को रख लिया. नए महावत को हाथी मैरी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. साथ ही मैरी ने भी महावत के साथ ज्यादा समय नहीं बिताया था. इसलिए मैरी को कंट्रोल करने में महावत को परेशानी होने लगी. इसी बीच एक दिन सर्कस के प्रमोशन के लिए शहर में परेड का आयोजन किया गया, जिसमें मैरी समेत कई जानवर और सर्कस के सभी कलाकार शामिल हुए. इस दौरान शहर के बीचों-बीच परेड निकाली गई. परेड़ के दौरान रास्ते में मैरी को कुछ खाने-पीने की चीजें दिख गई. जिसके लिए वह तेजी से आगे बढ़ने लगा.
उसके बाद नए महावत ने मैरी को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं रूका. इस दौरान महावत ने उसके कान के पीछे भाला मार दिया, जिससे हाथी तिलमिला उठा और गुस्से में उसने महावत को नीचे पटक दिया. उसके बाद मैरी ने महावत के ऊपर अपना पैर रख दिया, जिससे महावत की मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना देख कर लोग इधर-उधर भागने लगे. वहीं कुछ लोगों ने हाथी को मार डालने के नारे लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. हालांकि उस समय तो यह मामला शांत हो गया, लेकिन अगले दिन अखबारों में इस घटना को प्रमुखता से छापा गया, जिसके बाद घटना पूरे शहर में तेजी से फैल गई.
लोगों ने की थी हाथी को फांसी देने की मांग
शहर के लोग सर्कस के मालिक चार्ली स्पार्क से हाथी मैरी को मृत्युदंड देने की मांग करने लगे. साथ ही उन्होंने धमकी भी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो शहर में फिर कभी सर्कस नहीं होने देंगे. कई लोगों ने कई तरह से हाथी को मारने की बात कही. किसी ने ट्रेन से कुचलवा कर मारने को कहा तो किसी ने हाथी को करंट देकर मारने की बात कही.
आखिर में लोगों की जिद के आगे चार्ली स्पार्क को झुकना पड़ा और उन्होंने मैरी को मृत्युदंड देने का फैसला किया. इसके लिए उन्होंने 100 टन का वजन उठाने वाली एक क्रेन मंगवाई और 13 सितंबर 1916 को क्रेन की मदद से हाथी को हजारों लोगों के बीच फांसी पर लटका दिया गया.
