रायगढ़। रायगढ़ की सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। दोनों आरोपियों को महासमुंद से गिरफ्तार किया गया है। जिनके तार पड़ोसी राज्य ओडिसा से भी जुड़े होनें की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवकों को ठगने बकायदा अपना ऑफिस खोल कर शहर के प्रमुख चैराहों पर विकेंसी वाले पंपलेट चस्पा कर अपना नंबर शेयर करते हैं जिसमें सबसे पहले नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से करीब 1500 रजिस्ट्रेशन फीस लेते और उन्हें फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर जॉब के नाम पर ट्रेनिंग कराए जाने का आश्वासन दिया जाता था। ठगों का नेटवर्क ओड़िसा के बाद छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले और महासमुंद जिले में बेरोजगारों के साथ ठग की है। रायगढ़ कोतवाली पुलिस ने कुशलता पूर्वक ठग गिरोह का पर्दाफाश कर आरोपियों के लोकल नेटवर्क के जरिए मुख्य आरोपियों तक पहुंची और जिन्हें बागबाहरा महासमुंद से आज गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया गया और रिमांड पर भेजा गया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक बैकुंठपुर रायगढ़ में रहने वाली अंशु यादव पिता स्वर्गीय बाल मुकुंद यादव (25 साल) द्वारा 26 नवंबर 2022 को थाना कोतवाली में लिखित आवेदन देकर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराया गया था।
पीड़ित युवती ने बताया कि माह अक्टूबर 2022 में शहर के कई जगह जॉब के पोस्टर दिवाल, खंभो में चिपके हुए थे। पॉम्प्लेट देखकर जानकारी हुआ कि नगर निगम कॉम्प्लेक्स में कंपनी के एक ऑफिस में युवतियों को आफिस रिसेस्निस्ट के जॉब की भर्ती ली जा रही है। जहां जाकर इंटरव्यु दी और सलेक्ट हो गई। ऑफिस जाकर पता किये ऑफिस में एक व्यक्ति अपना नाम प्रेम कुम्हार बताया जो स्वयं को जियो लाइफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का होना बताया और 1,549 लेकर बजाज कंपनी का एक जॉइनिंग लेटर दिया जिसमें सैलरी 16,500 लिखा हुआ था। इसके साथ इसकी 4 और सहेलियां भी नौकरी शुरू कर दी। प्रेम कुम्हार ने कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर सज्जाद अंसारी से मिलाया जो ऑफिस में आकर काम देखता था। इन्हें ट्रेनिंग में बतलाया गया था कि जॉब के नाम पर कॉलर को बजाज कंपनी के तरफ से बात करते हुए रजिस्ट्रेशन फीस 1,549 रुपए लेने के ऑनलाइन स्कैनर भेजकर प्राप्त करना है। 1 महीने बाद प्रेम कुम्हार ऑफिस बंद कर भाग गया, पता चला कि वे कई लोगों से 1549 रुपए फीस लेकर ठगी किया है। जब इन्हें ठगी का पता चला कि उनके द्वारा दिया गया जॉइनिंग लेटर फर्जी है तो कोतवाली थाने में अपराध पंजीबद्ध कराये, आवेदन पर आरोपियों के विरूद्ध धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
एक को पकड़ने पर खुली गिरोह की कलई
मामले में जांच दौरान कोतवाली पुलिस द्वारा आरोपियों की पतासाजी किया जा रहा था, दोनों फरार थे। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे द्वारा सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से फरार आरोपी सज्जाद अंजारी के मुर्गी फार्म का व्यवसाय करना पता चला। आरोपी सज्जाद अंसारी को 23 जनवरी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने अपने साथी आरोपी प्रेम कुम्हार का असली नाम असलम अंसारी निवासी लखनऊ उत्तर प्रदेश का होना बताया तथा एक और साथी का फरमान बताया। आरोपी सज्जाद अंसारी पिता साहिद अंसारी 24 साल निवासी बाजीनपाली थाना जूटमिल, रायगढ़ को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
महासमुंद से जुड़े मिले गिरोह के तार
प्रकरण की गंभीरता को लेकर थाना प्रभारी कोतवाली आरोपियों के संबंध में मुखबिर लगाकर जानकारी लिया जा रहा था। गत दिनों रायगढ़ की तरह ही महासमुंद जिले के बागबाहरा में भी मारुति सुजुकी कंपनी के विभिन्न पदों के लिए भर्ती की वैकेंसी का पम्पलेट चैंक-चैराहों पर देखे गये जिसमें भी रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 1449 युवक-युवतियों से लिये जाने की जानकारी थाना प्रभारी कोतवाली को प्राप्त हुई। थाना प्रभारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए उनके मार्गदर्शन पर थाना से प्रधान आरक्षक हेमन पात्रे और नंद कुमार सारथी और आरक्षक हेमसागर पटेल को बागबाहरा महासमुंद रवाना किया गया। कोतवाली स्टाफ बागबाहरा में रहकर कंपनी की गतिविधियों की तस्दीक की गई जो संदेहास्पद होने पर संचालक को हिरासत में लिया गया। संचालक अपना नाम समीर उर्फ असलम बताया, कोतवाली पुलिस ने प्रेम कुमार उर्फ असलम के फाईल फोटो से मिलान करने पर प्रेम कुमार उर्फ असलम और समीर उर्फ असलम एक ही व्यक्ति का होना पाया गया।
बकायदा खोल रखा था दफ्तर
आरोपी प्रेम कुमार उर्फ असलम से हिकम्मत अमली से पूछताछ किये जाने पर बागबाहरा में एच.एन.एस. प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी खोलकर मारुति सुजुकी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा दे बेरोजगारों को अपने साथियों के साथ ठगी करना बताया। आरोपी ने पूछताछ में रायगढ़ में भी ठगी करना और करीब 65 लोगों से नौकरी के नाम पर उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड, मार्कशीट जमा करना बताया था जिसे पुलिस जब्त की। बागबाहरा कार्यालय में आरोपी समीर उर्फ असलम का सहयोगी राज उर्फ आजाद मोहम्मद मौजूद मिला। आरोपी आजाद मोहम्मद के खाते में रुपए ट्रांसफर कराया जाता था।
ओडिसा से भी जुड़े मिलें है इनके तार
दोनों आरोपी के अपराध में संलिप्तता होने पर दोनों आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर रायगढ़ लाया गया जिनके मेमोरेंडम पर वैकेंसी वाले पंपलेट, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए उपयोग किया गया मोबाइल साक्ष्य स्वरूप जप्त किया गया है। आरोपी प्रेम कुमार उर्फ असलम के ग्रेजुएट होना तथा अपने बढ़ती विलासिता को पूरा करने इस प्रकार बेरोजगारों के साथ ठगी करना बताया है। आरोपी के ओड़िसा के झारसुगुड़ा में धोखाधड़ी के अपराध में चालान होने की जानकारी प्राप्त हुई है।
गिरफ्तार दोनों आरोपी प्रेम कुमार उर्फ असलम पिता इस्लाम्युउद्दीन उम्र 28 साल निवासी ग्राम मुरादगंज थाना गुरसाईगंज जिला कन्नौज (उत्तर प्रदेश), आजाद मोहम्मद उर्फ राज पिता जहूर अली उम्र 22 साल निवासी ग्राम ऐंटी थाना सचेंडी (उत्तर प्रदेश) को धोखाधड़ी के अपराध में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन पर धोखाधड़ी के इस गिरोह का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शनिप रात्रे, प्रधान आरक्षक नंद कुमार सारथी, हेमन पात्रे , आरक्षक हेम सागर पटेल की अहम भूमिका रही है।
