रायपुर। छत्तीसगढ में 2 हजार करोड़ के शराब घोटाला सामने आने के बाद अब राज्य में पांच हजार एक सौ सत्ताईस करोड़ के चावल घोटाले की सूचना पर जांच के लिए केंद्र से तीन सदस्यीय टीम राजधानी रायपुर पहुंची है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने केन्द्र से शिकायत करके बड़े पैमाने पर छत्तीसगढ़ में हुए चावल घोटाले पर केन्द्र का ध्यान आकर्षित कराया था। इस बड़े चावल घोटाले के सामने आने से सरगुजा इलाके के एक मंत्री सहित कुछ विशेष कनेक्शन भी जुड़ रहे हैं। केन्द्र से जांच टीम पहुंचने के बाद छत्तीसगढ़ के दो बड़े अधिकारियों में भी बेचैनी बढ़ गई है। साथ ही साथ राज्य के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत का नाम भी इस पूरे मामले में जुड़ सकता है। जिससे उनकी परेशानी बढ़ सकती है।
चावल घोटाले का जिन्न सामने आने के बाद राज्य में मचा हड़कंप
यह सर्वविदित है कि छत्तीसगढ में धान की बंपर पैदावार होती है। जहां किसानों की मुख्य फसल धान ही है और धान की फसल के नाम पर दी जाने वाली बोनस व खरीदी मूल्य पर विधानसभा चुनाव में जमकर राजनीति भी हो चुकी है। केन्द्र द्वारा कोरोनाकाल के बाद चावल वितरण में बड़ी राहत गरीबों को देते हुए सार्वजनकि क्षेत्र की उचित मूल्य दुकानों से पांच किलो चावल मुफ्त देने की घोषणा करके राज्य में केन्द्र का बड़ा हस्तक्षेप करके भूपेश बधेल सरकार को बैकफुट पर लाया था लेकिन राज्य में केन्द्र द्वारा भेजे गए चावल में बड़ा उलटफेर करते हुए गरीबों का चावल न केवल गायब कर दिया है बल्कि यह चावल कालाबाजारी के जरिये मंत्रियों के कमीशन की भेंट चुका है।

पूर्व मुख्यमंत्री डाॅ रमन सिंह ने 12 अपै्रल को की थी केन्द्र को लिखित शिकायत
एक जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के बाद चावल घोटाला भी हो चुका था लेकिन इस पर केन्द्र गंभीर नही था। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने ये खत 12 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को लिखा था। इसमें बड़े स्कैम की बात लिखी थी।
पूर्व मुख्ममंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने पूरे आंकड़े दिए हैं।केंद्र सरकार के द्वारा कोरोना काल में शुरू हुई गरीब खाद्यान्न योजना के अंतर्गत इसमें अनियमितता कईयों के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है।
पूर्व में भी चावल घोटाले की जांच शुरू हुई थी लेकिन अचानक बंद हो जाने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से गरीबों के घरों तक पहुंचने वाले पांच किलो मुफ्त चावल मामले में छत्तीसगढ़ सरकार में बैठे मंत्रियों ने अधिकारियों की मदद से उनके हक पर डाका डाल दिया था। पिछले महीने ही खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के एक निज कार्यालयीन कार्य के लिए रखे सचिव भूपेंद्र यादव के द्वारा सरगुजा जिले में किए गए बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था।

अधिकारियों में मचा हड़कंप
वहीं केंद्रीय टीम के तीन सदस्य आने की सूचना मिलते ही इस चावल घोटाले में शामिल कुछ नौकरशाहों समेत खाद्य विभाग के बड़े अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं। इतना तय है कि ये मामला भी केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के पास जाएगा जिसमें अभी से ही दो बड़े अधिकारियों व रायपुर के कुछ प्रभावशाली नाम समेत सरगुजा संभाग व बिलासपुर संभाग के रायगढ़ के साथ-साथ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में हुए इस चावल घोटाले की आंच पहुंचेगी। बताया जा रहा है कि दो जिलों के बड़े अधिकारियों का नाम इस पूरे चावल घोटाले में आ रहा है।
