बैंक खाता बंद कराने पर नहीं देना पड़ेगा चार्ज, बस अपनाने होंगे ये तरीके

by Kakajee News

कई बचत खाता रखना परेशानी का सबब बन जाता है। बैंक में बचत खाता को एक्टिव रखने के लिए औसत तिमाही बैंलेस बनाए रखना पड़ता है। इसके अलावा आयकर रिटर्न में भी सबकी जानकारी देनी होती है। ऐसे में अगर आप अपने किसी बैंक खाता का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे बंद करा देना ज्यादा बेहतर विकल्प है। हालांकि, बैंक खाता बंद करने के लिए शुल्क भी वसलूते हैं। सरकारी और निजी बैंकों में इसके लिए अलग-अलग शुल्क है। कुछ मामलों में खाता बंद कराने पर शुल्क देने से बच भी सकते हैं। लेकिन किसी भी खाता को बंद कराने के पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें।
सबसे पहले अकाउंट डी-लिंक करें
बचत खाते को बंद करने से पहले आपके लिए यह देखना जरूरी है कि उस खाते से कोई निवेश या ट्रेडिंग अकाउंट तो लिंक नहीं है। आम तौर पर बैंक अकाउंट से निवेश, ईएमआई, क्रेडिट कार्ड भुगतान और बीमा से जुड़ा आपका भुगतान लिंक होता है। अगर आपके इस बैंक खाते से इस तरह का कोई दूसरा अकाउंट लिंक है तो पहले अपने दूसरे बैंक अकाउंट को इस तरह के पेमेंट से लिंक कर दें। खाता बंद करते वक्त आपको डी-लिंकिंग अकाउंट फॉर्म भरना पड़ेगा।
बंद कराने की वजह बतानी होगी
बैंक की शाखा में अकाउंट क्लोजर फॉर्म उपलब्ध होता है। आपको इस फॉर्म में अकाउंट बंद करने की वजह बतानी होगी। अगर आपका अकाउंट ज्वाइंट अकाउंट है तो फॉर्म पर सभी खाताधारकों का हस्ताक्षर जरूरी है। आपको एक दूसरा फॉर्म भी भरना होगा। इसमें आपको उस अकाउंट की जानकारी देनी होगी, जिसमें आप बंद होने वाले अकाउंट में बचा पैसा ट्रांसफर कराना चाहते हैं। अकाउंट बंद कराने के लिए आपको बैंक की शाखा में खुद जाना पड़ेगा।
इन बातों का रखें ध्यान
बैंक आपसे इस्तेमाल नहीं की गई चेकबुक और डेबिट कार्ड बैंक क्लोजर फॉर्म के साथ जमा करने के लिए कहेगा। अकाउंट में पैसा पड़ा है तो उसका भुगतान नकद (सिर्फ 20,000 रुपये तक) में हो सकता है। आपके पास इस पैसे को अपने दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कराने का भी विकल्प है। इस बात का भी ध्यान रखें अगर आपके खाते में ज्यादा पैसा है तो क्लोजर प्रोसेस शुरू करने से पहले उसे दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दें। अकाउंट का अंतिम स्टेटमेंट अपने पास रखे, जिसमें अकाउंट क्लोजर का जिक्र हो।
कब नहीं लगता शुल्क
खाता बंद करने को लेकर रिजर्व बैंक की ओर से कोई दिशा-निर्देश बैंकों को नहीं है। ऐसे अलग-अलग बैंक इसके अलग शुल्क वसूलते हैं। सामान्यत: खाता खुलवाने के 14 दिन के भीतर बंद कराने पर कोई शुल्क नहीं लगता है। वहीं एक साल के बाद भी खाता बंद करवाने पर कोई शुल्क नहीं लगता है।
सरकारी बैंकों में कितना शुल्क
सरकारी बैंकों के मामले में देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई खाता बंद करने के लिए एक साल से अधिक पुराने खाता पर कोई शुल्क नहीं लेता है। लेकिन खाता खोलने के 14 दिन के बाद और एक साल के भीतर खाता बंद करा रहे हैं तो 500 रुपये और जीएसटी देना होगा। वहीं पीएनबी अवधि और खाता के हिसाब से शुल्क वसूलता है। पीएनबी में भी 14 दिन तक खाता बंद कराने पर कोई शुल्क नहीं है। खाता खुलने के 14 दिन से लेकर एक साल के भीतर खाता बंद कराने पर पीएनबी खाते के अनुसार राशि लेता है। वह आरडी खाता बंद करने के लिए 100 रुपये, बचत खाता बंद कराने पर 300 रुपये और चालू खाता बंद कराने पर 600 रुपये का शुल्क लेता है। हालांकि, एक साल के बाद खाता बंद कराने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा।
निजी बैंक में खाता बंद कराना महंगा
खाता बंद करने के लिए निजी बैंक सरकारी बैंकों की तुलना में अधिक शुल्क वसूलते हैं। एचडीएफसी बैंक 14 दिन के भीतर और एक साल के बाद खाता बंद कराने पर कोई शुल्क नहीं लेता है। हालांकि 14 दिन के बाद छह महीने के भीतर खाता बंद कराने पर एक हजार रुपये शुल्क लेता है। वहीं छह महीने से लेकर 12वें महीने तक खाता बंद कराने पर 500 रुपये का शुल्क लेता है। वहीं आईसीआईसीआई बैंक खाता बंद करने के लिए 30 दिनों के भीतर कोई शुल्क नहीं लेता है। जबकि 31वें दिन से लेकर एक साल के भीतर खाता बंद कराने पर 500 रुपये का शुल्क लेता है।

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