विश्व हृदय रोग दिवस आज मनाया जा रहा है। कम उम्र के लोगों में भी हृदय रोग का खतरा बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 40 से कम आयु के लोगों में हृदय रोग संबंधित गंभीर समस्याएं होने लगती हैं, जो कि जानलेवा हो सकती हैं। 35 फीसदी हृदय रोगियों की उम्र 40 से कम है।
हृदय रोग विशेषज्ञों के पास आने वाले 35 फीसदी मरीज 40 साल से कम के हैं। बीते 15 सालों में संख्या ढ़ाई गुना बढ़ी है। आंकड़े चौकाने वाले हैं, लेकिन ये हकीकत है। डॉक्टर बताते हैं कि 500 मीटर अतिरिक्त चलने या 20-25 सीढि़यां चढ़ने में दम फूलना, हृदय रोग होने की दस्तक है।
हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विनेश जैन ने बताया कि 15 साल पहले की बात करें तो 40 साल से कम उम्र के हृदय रोगियों की संख्या करीब 15 फीसदी थी। अब आंकड़ा 35 फीसदी को छू गया है। खास बात मरीजों से पूछताछ में उन्होंने 500-600 मीटर से अधिक चलने, 20-25 सीढि़यां चढ़ने, साइकिल चलाने से दम फूलने, जल्दी थकान होने, बिना परिश्रम के पसीना आने, धड़कनें तेज गति से चलने और घबराहट होने के लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया।
उन्होंने बताया कि इन मरीजों की फिटनेस की बात करें तो इनका पेट निकला हुआ था, कमर पर चर्बी जमी थी। मोटापा, पैरों में सूजन की परेशानी मिली। 5 फीसदी में मधुमेह और उच्च रक्तचाप के भी मरीज रहे। 22 फीसदी में धूम्रपान-एल्कोहल का भी शौक था। इतना होने पर भी इन्होंने हृदय की जांच कराने और फिटनेस सुधारने पर गौर नहीं किया। इनमें से 2 फीसदी मरीजों में हार्टअटैक का भी खतरा था।
बेढ़ई-कचौड़ी और समोसा बढ़ा रहा युवाओं में हृदय रोग
एसएन मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बसंत गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में महीने में 1800 मरीज आ रहे हैं। इनमें युवाओं की संख्या 35 फीसदी से अधिक है। इनमें कामकाजी युवा अधिक हैं। ये बैठने का कार्य अधिक करते हैं, खानपान में रोजाना फास्ट फूड और शीतल पेय करते हैं। देर रात में सोते हैं। खासतौर से बेढ़ई, कचौड़ी, समोसा समेत अन्य तली सामग्री सप्ताह में 4-5 दिन खाते हैं। इनको कई बार उबल चुके तेल में तला जाता है। इससे खराब कोलेस्ट्राल बढ़ने से हृदय की नस में चर्बी जमा होने लगती है, जिससे रक्त संचार और ऑक्सीजन प्रभावित होती है और हृदयाघात भी पड़ते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान:
– 30-40 मिनट रोजाना तेज गति से चलना, योग करें।
– छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करें।
– इमारत पर चढ़ने को लिफ्ट के बजाय सीढि़यां इस्तेमाल करें।
– तला भोजन, फास्ट फूड और बाजार के खाने से बचें।
– धूम्रपान, शराब न पीएं। जल्दी सोने की आदत डालें।
– दाल, हरी तरकारी, चपाती और सलाद अधिक खाएं।
