बिलासपुर। केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के बजट में विस्तार करने वित्त मंत्री की घोषणा के बाद बिलासपुर जिले के दो लाख से अधिक परिवार की आस एक बार फिर बढ़ गई है। वर्ष 2015-16 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत छत्तीसगढ़ में योजना की शुरुआत की गई थी। तब राज्य में भाजपा की सरकार काबिज थी।
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना को छत्तीसगढ़ के साथ ही बिलासपुर जिले में भी जोर शोर से क्रियान्वित करने पर जोर दिया गया था । बीते दो वर्ष के दौरान जिले के एक लाख 71 हजार 385 गरीब परिवार को उज्जवला योजना के तहत मुफ्त में गैस कनेक्शन बांटे गए योजना की खासियत ये कि राज्य शासन द्वारा उज्जवला योजना के हितग्राहियों को मुफ्त में गैस चूल्हा का वितरण किया जा रहा था।
कनेक्शन के दौरान पहले सिलेंडर की कीमत भी मुक्त कर दी गई थी। राज्य में सत्ता परिवर्तन के साथ कांग्रेस सरकार ने योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। इसके साथ ही उज्जवला योजना ठंडे बस्ते में चली गई। केंद्रीय वित्त मंत्री की घोषणा के बाद एक बार फिर से जिले के गरीबो की आस उज्जवला योजना के तहत मिलने वाले मुफ्त गैस कनेक्शन की ओर बढ़ गई है। खाद विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में अभी ढाई लाख से ऊपर बीपीएल हितग्राहियों को गैस कनेक्शन देना है। यह सूची विभाग ने पहले ही तैयार कर ली थी।
योजना एक नजर में
पीएम उज्जवला योजना के तहत हितग्राहियों से संबंधित गैस एजेंसी में एक आवेदन फार्म भराया जाता था। आवेदन के साथ हितग्राहियों को अपना बैंक अकाउंट नंबर और आधार कार्ड की फोटो कापी जमा कराई जा रही थी। कनेक्शन देते वक्त एजेंसी संचालकों द्वारा हितग्राहियों से ₹115 शुल्क लिया जा रहा था। इसके एवज में कनेक्शन फ्री में दिया जा रहा था राज्य सरकार ने इस योजना में अपनी सहभागिता निभाई थी। गैस कनेक्शन के साथ दिए जाने वाले सिलेंडर की कीमत राज्य शासन द्वारा अपने खाते से दी जा रही थी।
छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य
पीएम उज्जवला योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य जहां हितग्राहियों को उज्जवला योजना के तहत पूरा कनेक्शन मुफ्त में दिया जा रहा था। दूसरे राज्यों में सिलेंडर की कीमत हितग्राहियों को खुद ही देना पड़ता है। राज्य सरकार ने सिलेंडर के साथ ही पहली रिफिलिंग को भी मुक्त कर दिया था।
