उच्च न्यायालय ने तत्काल वेतन भुगतान का दिया आदेश”

by Kakajee News

रायगढ़।अनुदान प्राप्त संस्था आर्य सभा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सलखिया लैलूंगा मैं कार्यरत मधुसूदन प्रधान भृत्य से समिति अध्यक्ष द्वारा पद विरुद्ध चौकीदार के रूप में दबाव पूर्वक लगातार कार्य करवाया जा रहा था, साथ ही उसे लगातार प्रताड़ितकर और कार्यवाही की धमकी भी दी जा रही थी । पारिवारिक कारणों से कर्मचारी ने अपने मूल पद विरुद्ध चौकीदारी के कार्य को करने में असमर्थता व्यक्त किया और अपने मूल पद के कार्य को करने हेतु महामंत्री को निवेदन किया ।जिसे अध्यक्ष ने प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाते हुए कर्मचारी का लकडा उन
अवधि में मनमानी पूर्ण तरीके से कार्यवाही करते हुए कर्मचारी पर अनुपस्थिति का गलत आरोप लगाते हुए उसका मार्च 2020 से वेतन रोक दिया। जबकि लाकडाउन अवधी में कर्मचारियों के वेतन भुगतान हेतु स्पष्ट आदेश राज्यशासन ने जारी किया था । कर्मचारी के वेतन प्रदान करने संबंधित आवेदन पर कार्यवाही करते हुए तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी महोदय द्वारा पत्र क्रमांक- 2290 /अनुदान/ वेतन/ 2020-21 . रायगढ़, दिनांक 29 /06/2020 के द्वारा महामंत्री आर्य विद्या सभा सलखिया रायगढ़ को नियमानुसार वेतन भुगतान किए जाने हेतु कार्यवाही सुनिश्चित करने का आदेश दिया था । जिसके फलस्वरूप समिति के अध्यक्ष / महामंत्री के द्वारा संबंधित कर्मचारी पर मनमानी पूर्ण कार्य व व्यवहार का गलत आरोप एवं अनुपस्थिति का गलत आरोप लगाते हुए राज्य शासन व जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश को न मानते हुए, नियम – अधिनियम के विरुद्ध मनमानी पूर्वक कार्रवाई करते हुए कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया और कर्मचारी का नाम उपस्थिति रजिस्टर से हटा दिया एवं उसे विद्यालय में नहीं आने हेतु आदेशित किया । इस संबंध में कर्मचारी के आवेदन पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र क्रमांक /2727/अनुदान/2020-20. रायगढ़, दिनांक 17/07/2020 से प्रकरण की जांच हेतु आदेश किया । जांच उपरांत जिसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दिनांक 23/07/2020 को जमा कर दी गई थी । उक्त जांच पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई
तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी के स्थानांतरण के बाद नवनियुक्त वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी ने इस प्रकरण में स्वयं विद्यालय में उपस्थित होकर 17/10/2020 को पुनः स्वयं से प्रकरण की विधिवत जांच की कार्यवाही संपन्न की एवं इस विषय में पत्र क्रमांक 5272/अनु./अशा. शा./2020. रायगढ़, दिनांक 11/11/2020 को जारी आदेश में कर्मचारी के बर्खास्तगी के आदेश को मनमानी पूर्वक व अनुदान नियम विरुद्ध पाया गया, साथ ही उपस्थिति पंजी का भी गलत तरीके से व्यक्तिगत रूप से संघारित करना पाया गया । उक्त आदेश में संबंधित कर्मचारी को तत्काल कार्य पर उपस्थित करवाने हेतु अध्यक्ष / महामंत्री को आदेशित किया गया है । उक्त आदेश में आश्चर्य जनक तरीके से परिस्थितियों व तथ्यों को नजरंदाज करते हुए, श्रीमान जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित कर्मचारी के जुलाई 2020 से नवंबर 2020 तक की उपस्थिति को अमान्य किया एवं उसे जुलाई 20 से नवंबर 20 तक के वेतन से वंचित कर दिया गया है । जो कि परिस्थिति गत व प्राकृतिक न्याय के विरूद्ध है ।
महामंत्री के द्वारा उपस्थिति पंजी से कर्मचारी का नाम हटा देने और संबंधित कर्मचारी के नियम विरुद्ध तरीके से बर्खास्तगी के आदेश के बाद उपस्थिति पंजी में कर्मचारी की उपस्थिति संस्था में देना आवशयक व संभव नहीं है ।इस प्रकरण में बर्खास्तगी की कार्यवाही को स्वयं वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी जी के द्वारा नियम विरुद्ध मानते हुए बर्खास्तगी को अमान्य कर कार्य पर उपस्थिति का आदेश दिया गया है ।
लेकिन आर्य सभा सलखिया के अध्यक्ष अपने मनमानी पूर्ण रवैया अपनाते हुए किसी भी आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं हैं । साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी भी इस प्रकरण में किसी कठोर कार्यवाही से बचते हुए प्रतीत हो रहे हैं ।
इस से परेशान व व्यथित होकर कर्मचारी मधुसूदन प्रधान भृत ने माननीय हाईकोर्ट के समक्ष हाईकोर्ट अधिवक्ता फैजल अख्तर के द्वारा वाद प्रस्तुत किया । हाईकोर्ट अधिवक्ता फैजल अख्तर के प्रस्तुत कर्मचारी के पक्ष से माननीय हाईकोर्ट ने अपनी सहमति दर्शाते हुए कर्मचारी के बर्खास्तगी के पूर्व जून तक के पूरे वेतन को तत्काल प्रदान करने का आदेश दिया है । साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी व अन्य शासकीय पक्ष तथा समिति अध्यक्ष व महामंत्री को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए 4 हप्तो का समय दिया है । मामले की अगली सुनवाई 5 अप्रैल को निश्चित है ।

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