बीते दो माह से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के जंगलों में बाघ की दखलअंदाजी ग्रामीणों के लिए दहशत का पर्याय बन गई है, मादा बाघ कभी मध्यप्रदेश के अनूपपुर तो कभी छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के जंगलों में विचरण करते देखा जा सकता है, बीते 10 दिनों से छत्तीसगढ़ के रजमेरगढ़ एवं जलेश्वर धाम महादेव मन्दिर के आसपास मादा बाघ की सूचना मिल रही थी, कल शाम जलेश्वर धाम महादेव मन्दिर के साधु संतों ने इसे मंदिर के पीछे देखा है, जिसका वीडियो एक संतो ने बनाया गया है… वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
दरअसल मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले से मादा बाघिन के जीपीएम जिले में दाखिल हुए लगभग 2 माह होने को हो गए है पर मादा बाघ लगातार अब भी कभी मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला तो कभी छत्तीसगढ़ के जीपीएम जिले की सीमा में विचरण कर रही है कल शाम को यह मादा बाघ छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाके में ज्वालेश्वर धाम मन्दिर के पास जंगल मे देखा गया जिसके बाद मंदिर के पुजारी और श्रद्धालुओं के द्वारा बाघ का अपने मोबाइल फ़ोन पर वीडियो बना लिया जो अब शोषल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार कल शाम को यह मादा बाघ ज्वालेश्वर धाम मन्दिर के पीछे विचरण करते देखी गई उसी दौरान मंदिर के पुजारी और साधुओ की नजर बाघ पर पड़ी तो उन्होंने उसका वीडियो बना लिया, हालांकि यह इलाका मध्यप्रदेश छतीसगढ़ का 0 पॉइंट बॉर्डर है। जिसकी वजह से बाघ मध्यप्रदेश तो कभी छतीसगढ़ की सीमा पर पहुच रहा है हालांकि वन अधिकारियों की माने तो दोनों प्रदेश के वन अमला लगातार मादा बाघिन की हर मूमेंट पर नजर रखे हुए है।
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