रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार स्थित आमाघाट में बड़े पैमाने पर अवैध अफीम की खेती का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष उस्मान बेग ने इस मामले को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखे सवाल दागे हैं।
प्रशासन की नीयत पर उठे सवाल
उस्मान बेग ने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर कैसे 1 एकड़ जैसी बड़ी जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी और प्रशासन को इसकी कानों-कान खबर नहीं हुई? उन्होंने कहा:
“यह विश्वास करना मुश्किल है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेती हो रही थी और खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल था। क्या वाकई प्रशासन को इसकी भनक नहीं थी, या फिर सत्ता के संरक्षण में इसे जानबूझकर अनदेखा किया गया?”
मुख्य आरोप और उठते प्रश्न
यूथ कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति पर सवालिया निशान लगा दिए हैं:
सत्ता का संरक्षण: बेग ने आरोप लगाया कि बिना किसी रसूखदार के संरक्षण के इतनी हिम्मत जुटाना नामुमकिन है कि मुख्य इलाकों के पास अफीम उगाई जाए।
इंटेलिजेंस फेलियर: जिला पुलिस और राजस्व विभाग का अमला क्या कर रहा था? क्या बीट पुलिस और पटवारी सो रहे थे?
भाजपा पर हमला: कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश में ‘सुशासन’ के दावों के बीच नशे का कारोबार पैर पसार रहा है, जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि तमनार के आमाघाट में पुलिस ने दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध अफीम की फसल पकड़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की खेती का मिलना सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उस्मान बेग ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले के मुख्य सरगनाओं और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यूथ कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
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