कोरबा के राजगामार क्षेत्र में एक हरे रंग का सांप देखा गया, जिसे वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ने रेस्क्यू किया।सांप की पहचान बांस पिट वाइपर (Bamboo Pit Viper) के रूप में हुई, जो एक विषैला सांप है लेकिन इसका विष आमतौर पर घातक नहीं होता।यह सांप बांस के जंगलों, झाड़ियों और पेड़ों में रहना पसंद करता है।इसका हरा रंग इसे पौधों में छिपने में मदद करता है, और आंखों के पास मौजूद पिट इसे शिकार की गर्मी महसूस करने में मदद करते हैं।
यह सांप मेंढक, छिपकली, छोटे पक्षी और चूहों का शिकार करता है। इसके काटने से तीव्र दर्द, सूजन और जलन हो सकती है, लेकिन सामान्यतः मौत का खतरा कम रहता है। इसका स्वभाव रक्षात्मक होता है और यह तभी काटता है जब खुद को खतरे में महसूस करता है।वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ने सांप को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। सांप को देखने लोगो को भारी भीड़ देखने को मिला।
वही कोरबा के कोहड़िया में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई जहां एक साउंड बॉक्स से कोबरा सांप की फुफकार सुनाई देने लगी। Reptile Care and Rescuer Society (RCRS) टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सांप को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया।
RCRS टीम के अध्यक्ष अविनाश यादव ने बताया कि सांप अक्सर मौसम में बदलाव के कारण घरों और दुकानों में छिप जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थितियों में घबराने के बजाय तुरंत RCRS हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
RCRS टीम ने सांप को रेस्क्यू करने के लिए विशेष सावधानियां बरतीं। टीम के सदस्य अतुल ने साहस और अनुभव का परिचय देते हुए सांप को सुरक्षित रूप से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया।
RCRS टीम का मिशन “सेव एनिमल्स, सेव नेचर” है, और वे लगातार कोरबा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों और वन्यजीवों की जान बचाने का कार्य कर रही है।
